गोहाना में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट से 7000 एकड़ जलभराव वाली भूमि होगी खेती योग्य
गोहाना के पांच गांवों में जलभराव और खारे भूजल की समस्या से जूझ रहे किसानों की भूमि को खेती योग्य ...और पढ़ें

गोहाना में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट से 7000 एकड़ जलभराव वाली भूमि होगी खेती योग्य ( एआई जेनरेटेड इमेज )
जागरण संवाददाता, गोहाना। जलभराव और खारे भूजल के कारण परेशानी झेल रहे पांच गांवों के किसानों की भूमि को खेती के अनुकूल बनाने के लिए वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम होगा। इस परियोजना पर पहले चरण में लगभग 1.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जाएंगी। इनके माध्यम से जमीन के नीचे जमा अतिरिक्त पानी को निकालकर ड्रेनों तक पहुंचाया जाएगा। इससे खेतों में ऊपर आए चोवे की समस्या कम होगी और भूजल स्तर को उचित स्तर पर लाने में मदद मिलेगी।
पानी में खारेपन की खेतों की पैदावार प्रभावित होती है
गांव रुखी, भंडेरी, मदीना, खानपुर कलां व खेड़ी दमकन में कई जगह भूजल स्तर काफी ऊपर है। इसके साथ ही पानी में खारापन होने के कारण खेतों में फसलों की पैदावार प्रभावित होती है। जलभराव की वजह से जमीन में लंबे समय तक नमी बनी रहने से फसल की जड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती।
कई खेतों में समय पर जुताई और फसल की बुआई करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से जमीन के नीचे जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकाला जाएगा। परियोजना के तहत प्रभावित क्षेत्र में भूमि के निर्धारित गहराई में पाइप लाइन का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
पाइप लाइनों से एक जगह अतिरिक्त पानी को एकत्र कर उसे पंपसेट लगाकर ड्रेनों तक पहुंचाया जाएगा। इससे जमीन के नीचे पानी का दबाव कम होगा और धीरे-धीरे भूजल स्तर सामान्य स्तर पर लाया जाएगा। भूजल स्तर सामान्य होने से खेतों में जलभराव की स्थिति कम होगी और जमीन खेती के लिए अधिक अनुकूल बन सकेगी।
भूजल स्तर उचित गहराई पर आने के बाद जमीन में हवा का संचार बेहतर होगा। इससे फसलों की जड़ों को अनुकूल वातावरण मिलेगा और प्रभावित जमीन पर दोबारा नियमित खेती करने की संभावना बढ़ेगी। इस परियोजना से पांच गांवों में लगभग सात हजार एकड़ भूमि का सुधार होगा।
वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के तहत काम कराने के लिए टेंडर लगाए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। धान की कटाई होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। - डॉ. सत्यवान ग्रेवाल, सहायक भूमि परीक्षण अधिकारी, गोहाना
