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धान पकते ही हॉपर का प्रकोप, शाम होते ही स्ट्रीट लाइटों पर मंडरा रहे झुंड; वाहन चालक परेशान

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:48 PM (IST)

धान की फसल पकने के साथ गोहाना क्षेत्र में हॉपर कीट का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे फसल और आम ...और पढ़ें

हॉपर का प्रकोप। जागरण

हॉपर का प्रकोप। जागरण

HighLights

  1. धान की फसल पकने पर गोहाना में हॉपर का प्रकोप बढ़ा।

  2. शाम को स्ट्रीट लाइटों पर हॉपर के झुंड, वाहन चालक परेशान।

  3. कृषि विभाग ने किसानों को फसल निगरानी व दवा छिड़काव की सलाह दी।

जागरण संवाददाता, गोहाना। धान की फसल पकने के कगार पर पहुंचते ही क्षेत्र में हॉपर का प्रकोप बढ़ने लगा है। अभी खेतों में इसका असर नियंत्रण में है लेकिन धान की अगेती किस्मों की कटाई शुरू होने के साथ आसपास की खड़ी फसलों में हॉपर पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।

वहीं खेतों से निकलकर हॉपर अब आबादी क्षेत्र तक पहुंचने लगा है। शाम होते ही गांवों और शहर में स्ट्रीट लाइट, ट्यूब व बल्ब की रोशनी के आसपास हॉपर के झुंड दिखाई दे रहे हैं।

शहर में सड़कों के किनारे लगी लाइटों के आसपास बड़ी संख्या में कीट मंडराने से रात में दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कई जगह वाहन चालकों के चेहरे और आंखों से कीट टकरा रहे हैं। घरों की खिड़की या दरवाजा खुला होने पर रोशनी की तरफ आकर्षित होकर हॉपर कमरों के अंदर तक पहुंच रहे हैं। इससे आम लोग भी परेशान हैं।

कटाई के बाद खाली खेत से दूसरे खेत में पहुंच सकता है हॉपर

धान की अगेती किस्मों की कटाई शुरू हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार जिस खेत में कटाई हो जाती है, वहां से हॉपर आसपास खड़ी धान की फसल की तरफ जाने की आशंका रहती है। ऐसे में अगेती धान की कटाई के साथ आसपास के खेतों में खड़ी फसल की निगरानी और जरूरी हो जाती है।

मौसम की स्थिति भी हॉपर के प्रकोप को प्रभावित करती है। रात में ठंडक, दिन में गर्मी और अधिक आर्द्रता होने पर इसके पनपने की संभावना बढ़ जाती है। घनी फसल में हवा का आवागमन कम होने से भी हॉपर की संख्या बढ़ सकती है। हॉपर धान के पौधे के तने का रस चूसता है। अधिक संख्या में होने पर पौधे कमजोर पड़ने लगते हैं और उनकी वृद्धि प्रभावित होती है।

अभी क्षेत्र में हॉपर का प्रकोप नियंत्रण में है। किसानों को रोजाना खेत में जाकर धान की फसल की जांच करनी चाहिए। केवल खेत के किनारे से फसल देखने के बजाय अंदर जाकर पौधों की जांच करनी चाहिए। यदि एक पौधे पर पांच से 10 हॉपर दिखाई दें तो दवा का छिड़काव किया जाए।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेहरा, एसडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग