क्या है गोहाना का 4 करोड़ वाला 'ग्रे वाटर प्रोजेक्ट'? कैसे 23 वार्डों को जलभराव से मिलेगी हमेशा के लिए आजादी
गोहाना नगर परिषद ने घरों से निकलने वाले ग्रे वाटर के प्रबंधन के लिए 4 करोड़ रुपये की विशेष योजना ...और पढ़ें

रजनी विरमानी, अध्यक्ष, नगर परिषद गोहाना
HighLights
नगर परिषद ने 4 करोड़ रुपये की ग्रे वाटर योजना बनाई।
घरों से निकलने वाले पानी को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा।
शहर में बदबू, जलभराव और मच्छरों से मिलेगी राहत।
परमजीत सिंह, गोहाना। सोनीपत के गोहाना में निकट भविष्य में किसी कालोनी या मार्ग पर ग्रे वाटर नजर नहीं आएगा। घरों से निकलने वाले पानी को नालियों और नालों में बहने से रोकने के लिए नगर परिषद ने विशेष योजना तैयार की है।
योजना के तहत रसोई, स्नानघर और कपड़े धोने के बाद निकलने वाले ग्रे वाटर को टैप कर सीवर लाइन के माध्यम से निर्धारित निकासी व्यवस्था की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।
इसके लिए शहर को दो जोन में बांटकर जगह-जगह सीवर लाइन बिछाई जाएगी। नगर परिषद इस परियोजना पर चार करोड़ रुपये खर्च करेगी।
नगर परिषद सड़कों पर भरने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था करेगा
वर्तमान में शहर के कई जगह घरों से निकलने वाला पानी नालियों और खुले नालों के जरिए आगे ड्रेन तक पहुंचता है। निकासी व्यवस्था कमजोर होने और कई जगह नालियों के अवरुद्ध होने से पानी गलियों और सड़कों के आसपास भर जाता है।
इससे बदबू फैलने के साथ मच्छरों के पनपने और जलभराव की समस्या भी बनी रहती है। नगर परिषद इसी पानी की निकासी को व्यवस्थित करेगी।
ग्रे वाटर निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उन क्षेत्रों को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा, जहां घरों से निकलने वाले पानी की निकासी की समस्या बनी रहती है।
एनजीटी के निर्देशों के अनुसार होगा काम
एनजीटी ने नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को आदेश दिए थे कि किसी भी नाले का दूषित या अनुपचारित पानी सीधे ड्रेनों, नदियों, तालाबों या अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों में नहीं गिरना चाहिए।
नालों के माध्यम से यह पानी आगे नदियों तक पहुंचता है, जिससे जल स्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ग्रे वाटर के उचित प्रबंधन के लिए काम करेगी।
सफाई व्यवस्था में आएगा सुधार
ग्रे वाटर की व्यवस्थित निकासी से शहर में सफाई व्यवस्था में भी सुधार आएगा। अब जहां पर ग्रे वाटर फैलता है वहां पर लोग कचरा भी डालना शुरू कर देते हैं।
कचरा सीवर लाइनों तक पहुंच जाता है, जिससे लाइनें बार-बार अवरुद्ध होती हैं। ग्रे वाटर की निकासी बेहतर होने के बाद गलियों और सड़कों पर पानी भरने की समस्या कम होगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी सुधरेगी।
क्या कहते हैं आंकड़े?
- 23 कुल वार्ड हैं शहर में
- 12.5 वर्ग किलोमीटर की परिधि में फैला है शहर
- 50 से अधिक जगह फैलता है ग्रे वाटर
नगर परिषद ने चार करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए टेंडर लगा दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी का चयन किया जाएगा और निर्धारित क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने का काम होगा। शहर में जहां-जहां पर भी ग्रे वाटर फैलता है, उसकी बेहतर निकासी हो सकेगी।
-रजनी विरमानी, अध्यक्ष, नगर परिषद गोहाना
