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मंडी में 1600 क्विंटल धान, लेकिन सरकारी खरीद सिर्फ 70 क्विंटल; गोहाना में क्यों परेशान हैं किसान?

Published: Sat, 03 Oct 2026 07:26 PM (IST)

गोहाना में पीआर धान की खरीद में देरी और नमी के बहाने कम खरीद से किसान आक्रोशित हैं। मंडी में ...और पढ़ें

प्रदर्शन करते किसान

प्रदर्शन करते किसान

HighLights

  1. गोहाना में पीआर धान की खरीद में देरी पर किसानों का प्रदर्शन।

  2. मंडी में 1600 क्विंटल धान, पर सिर्फ 70 क्विंटल की खरीद।

  3. अधिक नमी (22-25%) खरीद में मुख्य बाधा बनी हुई है।

जागरण संवाददाता, गोहाना। पीआर धान की खरीद शुरू न होने से नाराज किसान और भारतीय किसान यूनियन चढूनी के नेता शनिवार दोपहर को जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी पहुंचे। किसानों ने खरीद शुरू करने की मांग को लेकर रोष जताया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

किसानों ने कहा वे मशीनों से कटाई करवाकर फसल मंडी में ला रहे हैं, लेकिन खरीद के समय नमी समेत अन्य मानदंडों के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। किसानों के प्रदर्शन के बाद हैफेड द्वारा दोपहर बाद नमी जांच करके 70 क्विंटल धान की खरीद की गई।

हैफेड अधिकारियों ने पीआर धान की ढेरियों की नमी जांच कराई। जांच में अधिकतर ढेरियों में नमी 22 से 25 प्रतिशत तक मिली। धान में 17 प्रतिशत से कम नमी होने पर ही मानदंडों के तहत खरीद की जाती है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अधिकतर ढेरियों में धान की सफाई ठीक से नहीं की गई है।

1600 क्विंटल पहुंच चुका है पीआर धान

अनाज मंडी में लगभग 1600 क्विंटल पीआर धान पहुंच चुका है। किसानों के प्रदर्शन के बाद दोपहर बाद एक ढेरी में निर्धारित सीमा के अनुसार नमी मिलने पर 70 क्विंटल पीआर धान की खरीद की। किसान नेता सत्यवान नरवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2024 में पीआर धान का एमएसपी 3,100 रुपये करने की घोषणा की थी।

पीआर ए ग्रेड का धान 2,461 रुपये और बी ग्रेड का धान 24,41 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर भी खरीदने में आनाकानी की जा रही है। किसान फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं इसलिए खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शन में सूरजभान चहल, बलराज लाठ, आनंद मोर, सुनील, विनोद, आनंद रहे।

मंडी में आए पीआर धान की सभी ढेरियों की जांच की गई। अधिकतर में नमी की मात्रा अधिक मिली। धान की ठीक से सफाई भी नहीं की गई है। इस संबंध में अधिकारियों को लिखा गया। एक ढेरी में नमी कम मिली, जिसे खरीद लिया गया। किसान धान को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके मंडी में लेकर आएं।
-ज्योति आर्या, प्रबंधक, गोहाना, हैफेड