सोनीपत: मुआवजे के लिए किसानों ने सौंपा ज्ञापन, 17 अक्टूबर तक का दिया अल्टीमेटम
खरखौदा के सोहटी गांव में किसान 765 केवी नेरला-सीकर पावरग्रिड लाइन से प्रभावित जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर हैं।

मुआवजे के लिए किसानों का धरना जारी
HighLights
किसान 765 केवी पावरग्रिड लाइन मुआवजे की मांग कर रहे
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उचित मुआवजे की मांग
प्रशासन को 17 अक्टूबर तक समाधान का अल्टीमेटम दिया
संवाद सहयोगी, खरखौदा। गांव सोहटी के स्टेडियम में 765 केवी नेरला-सीकर पावरग्रिड लाइन से प्रभावित किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा।
किसानों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट व तहसीलदार बिजेंद्र नांदल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपकर जमीन का उचित मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने प्रशासन को 17 अक्टूबर तक मांगों का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है।
किसानों ने याद दिलाया आश्वासन
किसानों ने बताया कि 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उपायुक्त सोनीपत को दो दिन में जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। किसानों के अनुसार, इसी आश्वासन पर किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने अपना अनशन समाप्त किया था।
उस दौरान मांगों का समाधान होने तक पावरग्रिड लाइन का काम शुरू नहीं करने का भरोसा भी दिया गया था। इसके बावजूद सोमवार को काम शुरू होने से किसानों में नाराजगी है। किसानों ने कहा कि वे टकराव के पक्ष में नहीं हैं और बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान चाहते हैं।
17 अक्टूबर तक का समय
उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात के बावजूद मुआवजे में बढ़ोतरी को लेकर कोई ठोस निर्णय क्यों नहीं हुआ। किसानों ने चेतावनी दी कि 17 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे की रणनीति तय कर बड़ा फैसला लेंगे।
तहसीलदार बिजेंद्र नांदल ने किसानों को बताया कि उन्हें पावरग्रिड का कार्य शुरू करवाने के आदेश मिले हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनका ज्ञापन नियमानुसार उच्च अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के बाद किसान शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए।
किसान कर रहे मुआवजे की मांग
फिलहाल, सोहटी स्टेडियम में धरना जारी है और किसान मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। इस अवसर पर प्रवीन दहिया, विकास राणा, इंद्रजीत, पह्लाद सिंह, गोवर्धन व नवीन राणा मौजूद रहे।
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