संवाद सहयोगी, गोहाना : बिजली निगम बिजली चोरी रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। पुराने मीटर बदल कर नई तकनीक के मीटर भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं ने मीटरों में छेड़छाड़ करवा कर बिजली चोरी करनी शुरू कर दी। निगम ने करीब 250 संदिग्ध उपभोक्ताओं के मीटरों की रोहतक स्थित लैब में जांच करवाई, जिसमें से 150 मीटरों में गड़बड़ी मिली। निगम ने इन उपभोक्ताओं पर करीब नौ लाख रुपये जुर्माना ठोंका है। जुर्माना वसूली के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

बिजली निगम ने कुछ माह पहले उन उपभोक्ताओं को मौका दिया था, जिन्होंने अपने मीटरों में छेड़छाड़ करवा रखी थी। उपभोक्ता शिकायत देकर अपने मीटर बदलवा सकते थे। सैकड़ों उपभोक्ताओं ने पकड़े जाने के डर से मौके का फायदा भी उठाया लेकिन काफी उपभोक्ताओं ने बिजली चोरी जारी रखी। करीब दो माह पहले निगम के अधिकारियों ने कर्मचारियों को संदिग्ध मीटरों की निगरानी रखने और उनकी जांच करने के निर्देश दिए। यह अभियान एक माह तक चला। कर्मचारियों को करीब 250 मीटर संदिग्ध मिले। इन मीटरों को उतार कर जांच के लिए रोहतक स्थित निगम की लैब में भेजा गया। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इनमें से करीब 150 मीटर ऐसे मिले, जिनके उपभोक्ताओं ने छेड़छाड़ करवा रखी थी और बिजली चोरी की जा रही थी। कुछ उपभोक्ताओं द्वारा मीटरों के अंदर डिवाइस लगवा कर घर के अंदर बैठे ही रिमोट से बिजली चोरी की जाती थी। निगम ने इन उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगया है। इनमें से 22 उपभोक्ता ऐसे थे जिनके मीटरों की री¨डग प्लेट से छेड़छाड़ की गई थी।

टीम में रहे ये अधिकारी

संदिग्ध मीटर जांच करने के अभियान में निगम के शहरी सब डिवीजन के एसडीओ जितेंद्र वर्मा, जेई व दीपक रहे। तीनों के नेतृत्व में टीमें बनाई गई थीं। टीम ने संदिग्ध मीटरों की निगरानी की। संदिग्ध मीटरों की जांच करवाई गई है। इनमें 150 मीटर ऐसे मिले, जिनमें छेड़छाड़ करके बिजली चोरी की जा रही थी। इन उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि को बिजली बिल में जोड़ा जाएगा। रिकवरी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

-राजीव आनंद, कार्यकारी अभियंता गोहाना, बिजली निगम

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