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हरियाणा में CM की सख्ती के बाद एक्शन, यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में AC न चलाने वाली कंपनी पर FIR

Published: Fri, 14 Aug 2026 10:23 PM (IST)

सीएम की सख्ती के बाद दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में एसी मरम्मत न करने वाली कंपनी पर केस दर्ज ...और पढ़ें

सीएम की सख्ती के बाद दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में एसी मरम्मत न करने वाली कंपनी पर केस दर्ज किया गया है।

सीएम की सख्ती के बाद दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में एसी मरम्मत न करने वाली कंपनी पर केस दर्ज किया गया है।

जागरण संवाददाता, राई। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आडिटोरियम में शोधार्थियों के सम्मान समारोह में एसी नहीं चलने के के मामले में सीएम की सख्ती के बाद रजिस्ट्रार ने मरम्मत न करने वाली कंपनी के अधिकारियों पर केस दर्ज कराया है। एडवांस पेमेंट करने के बाद भी कंपनी विश्वविद्याय प्रबंधन को गच्चा दे रही थी।

कंपनी की ओर से मरम्मत के नाम पर 6.15 लाख रुपये और मांगे जा रहे थे। अब डीक्रस्ट प्रशासन की ओर से कंपनी के निदेशकों व प्रतिनिधि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। कंपनी पर जनबूझकर लापरवाही करने, अग्रिम राशि लेकर काम पूरा न करने और विश्वविद्यालय को वित्तीय एवं संस्थागत नुकसान पहुंचाने का आरोप लगया गया है।

शिकायत के आधार मुरथल थाना पुलिस ने पर नामजद एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मई मेंं नवनिर्वाचित मेयर व पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में इसी आडिटोरियम में एसी नहीं चलने के बाद बाहर से एसी व कूलर लगाए गए थे, लेकिन तब लोगों व मुख्यमंत्री को परेशानी हुई थी।

दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डा. अमित कुमार ने एचवीएसी प्लांट के लिए नामित मैसर्स क्लाइमवेनेटा क्लाइमेट टेक्नोलोजीज प्रा. लि. के खिलाफ मुरथल थाने में शिकायत दी है। शिकायत में बताया गया है कि विश्वविद्यालय के आडिटोरियम में क्लाइमवेनेटा क्लाइमेट टेक्नोलोजीज प्रा. लि. की ओर से एचएवीसी सिस्टम लगाया गया था।

वर्ष 2025 तक कंपनी को इसका रखरखाव करना था, लेकिन एसी सिस्टम खराब हो गया। 13 नवंबर, 2024 में कंपनी को मरम्मत का काम सौंपा गया था। कंपनी को तीन सप्ताह के भीतर काम पूरा करना था। कंपनी को साढ़े 28 लाख रुपये एडवांस में दे दिए गए थे। शिकायत में बताया गया है कि कंपनी की ओर से 6.15 लाख रुपये और मांगे गए।

यह राशि भी विवि प्रबंधन देने को तैयार था, लेकिन कंपनी ने काम से पल्ला झाड़ लिया। शिकायत में बताया गया है कि कंपनी की गैर जिम्मेदाराना कार्य प्रणाली की वजह से विश्वविद्यालय को अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा और एचवी एसी सिस्टम की अनुपलब्धता व अपर्याप्त संचालन के कारण शैक्षणिक व अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों में व्यवधान का सामना करना पड़ा।

शिकायत में ठेका लेने वाले कंपनी के निदेशकों व कंपनी के प्रतिनिधि सुभाष चंद्रा समेत सभी लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।

मेयर-पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं चला था एसी सिस्टम

28 मई को विश्विविद्यालय के इसी आडिटोरियम में आयोजित किए गए नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर व पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में एसी सिस्टम ने काम नहीं किया था। बाहर से एसी और कूलर लगाए गए थे, लेकिन इससे भी राहत नहीं मिल सकी थी। समारोह में आए मुख्यमंत्री, नेताओं, अधिकारियों व लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।

तब भी लोगों व अधिकारियों ने एसी प्लांट ठीक नहीं कराए जाने के संबंध में नाराजगी जताई थी। विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. श्रीप्रकाश सिंह का कहना है कि कंपनी पर केस दर्ज करवाया गया है। प्रशासन द्वारा एसी सिस्टम को जल्द ही ठीक करवाया जाएगा।