जागरण संवाददाता, गोहाना: गांव बरोदा के खेतों में सिचाई के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम अटक गया है। सिचाई विभाग के अधिकारियों ने सर्वे शुरू करवाया था, लेकिन कुछ किसानों ने पाइप लाइन बिछाने का विरोध कर दिया।

बता दें कि गांव खानपुर खुर्द के निकट सिचाई विभाग की सब माइनर है। इस सब माइनर से करीब दो किलोमीटर दूर बरोदा के खेतों में सिचाई होती थी। इसके लिए नाला बना हुआ था। जोकि अब टूट चुका है। इसके टूटने के बाद करीब 150 एकड़ में सिचाई बंद हो गई थी। गांव बरोदा के किसानों की मांग पर सिचाई विभाग द्वारा माइनर से खेतों तक खुली पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव किया गया। विभाग ने लाइन बिछाने पर मंजूरी दे दी गई। सिचाई विभाग के अधिकारियों ने काम शुरू करवाने के लिए सर्वे शुरू करवाया। विभाग रोड के साथ लाइन बिछाना चाहता था। जब गांव खानपुर खुर्द के किसानों को इस बारे में पता चला तो वे भड़क गए। किसानों ने कहा कि पिलरों पर पाइप लाइन बिछाने से उनके खेतों में आने-जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। किसानों द्वारा एतराज जताने पर काम रोक दिया गया। भूमिगत लाइन दबाने से नहीं पहुंचेगा पानी: सिचाई विभाग द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए दो पहलुओं पर सर्वे किया गया। पहला भूमिगत लाइन बिछाने पर सर्वे किया गया। सर्वे में पता चला कि भूमिगत लाइन दबाने से माइनर से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचेगा। इसके बाद अधिकारियों ने पिलर बना कर उन पर पाइप लाइन बिछाने का फैसला लिया। इससे किसानों के खेतों में आने-जाने का रास्ता बंद होने की संभावना बन गई। इस पर किसानों द्वारा विरोध किया गया। खानपुर खुर्द के किसानों ने खुले पाइप लाइन बिछाने से मना कर दिया। विभाग द्वारा दूसरे विकल्प से गांव बरोदा के किसानों तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

रजित, एसडीओ, गोहाना, सिचाई विभाग

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