संवाद सहयोगी, गोहाना : जींद रोड स्थित नई अनाजमंडी में धान की आवक तेज हो गई है। धान की पीआर किस्म के साथ-साथ दूसरी किस्मों की आवक भी शुरू हो चुकी है। मौसम खराब होने के कारण धान में नमी की मात्रा अधिक होने से खरीद में देरी हो रही है। नमी वाली धान को पहले मंडी में दो दिन सुखाया जाता है फिर खरीद होती है।

पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद दोबारा से मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है। कई गांवों के अधिकतर खेतों में जलभराव की समस्या है। खेतों में पानी भरा होने के कारण धान की फसल में नमी ज्यादा मिल रही है, जिससे किसान को धान बेचने में परेशानी हो रही है। धान सुखाने के लिए मंडी एक से दो दिन का समय लगता है। पिछले साल 20 अक्टूबर तक 70,474 क्विंटल धान की खरीद हुई थी। इस बार मंडी में 1,10,966 क्विंटल की आवक हो चुकी है। 20 अक्टूबर तक 92144 क्विटल धान की खरीद हो चुकी है जिनमें से 1,24,969 बोरियों का उठान हो चुका है।

उठान समय पर हो रहा

मंडी में पीआर धान के अलावा दूसरी किस्म की आवक भी शुरू हो चुकी है। गोहाना नई अनाज मंडी में पीआर धान के अलावा तीन किस्म की धान की आवक हुई है जिसमें 1509 की 83,287 क्विंटल, 1121 की 177 क्विटल और सरबती की 632 क्विंटल की आवक हो चुकी है। सभी धान खरीदी जा चुकी और उठान भी हो चुका है। पीआर किस्म के ए ग्रेड धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1060 रुपये और बी ग्रेड धान का 1940 रुपये प्रति क्विटल है। पीआर के अलावा 1509 किस्म का 3025 रुपये, 1121 किस्म का 3300 रुपये और सरबती किस्म 2077 रुपये तक बिक रही है। यह भाव 19 अक्टूबर तक के हैं क्योंकि 20 अक्टूबर को धान की खरीद नहीं हुई।

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फसल पक चुकी है लेकिन खेतों में पानी भरा हुआ है। पानी में से ही फसल काटनी पड़ रही है। धान में नमी बता कर खरीद करने में आनाकानी होती है। मंडी में ही दो दिन तक धान सुखानी पड़ती है। उसके बाद धान की बोली लगती है।

-धर्मबीर सिंह, किसान

----------- मंडी में धान की आवक तेज हुई है। किसानों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। तय मानकों के अनुसार धान की खरीद हो रही है। नमी वाली फसल को सूखने के बाद खरीदा जाता है।

- जितेंद्र कुमार, सचिव, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, गोहाना

Edited By: Jagran