संजय निधि, सोनीपत

एक साधारण परिवार के लड़के राजकुमार के जाने-अनजाने में लिए गए एक गलत कदम ने उसे अपराध के दलदल में ऐसा फंसाया कि वह इसमें धंसता ही चला गया। वर्ष 2010 में मामूली झगड़े में हुई एक हत्या के बाद वह जेल गया था। जेल से जमानत पर निकलने के बाद वह लौटकर अपने गांव आने के बजाय अपराध की दुनिया में चला गया और फिर उसका बादशाह बन गया। हत्या, लूटपाट, गैंगवार आदि के उत्पात से वह पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया और अपराध की दुनिया में राजकुमार से राजू बसौदी।

बसौदी के ग्रामीण बताते हैं कि राजू ने आसपास के ग्रामीणों का कभी बुरा नहीं किया था, लेकिन वर्ष 2010 में उसका रास्ता ही बदल गया। राजू के पिता जिले सिंह ने बताया कि अप्रैल 2010 में एक ग्रामीण के साथ जमीन विवाद में मारपीट हो गई। इसमें ग्रामीण रामधन की मौत हो गई थी। उसकी हत्या का आरोप राजू पर लगा और कुछ दिनों बाद वह जेल चला गया। पिता का कहना है कि जेल जाने के कुछ दिनों बाद ही परिवार का संपर्क उससे टूट गया और इसके बाद से उन्होंने राजू को कभी नहीं देखा। खराब हो गई थी संगत :

पिता जिले सिंह कहते हैं कि जेल जाने से कुछ दिन पहले से उसकी संगत खराब होने लगी थी, लेकिन उन्हें यकीन नहीं है कि बेटे ने जमीन विवाद में हत्या की थी। इस मामले में जेल जाने के बाद शायद उसकी संगत ज्यादा खराब हो गई और वह अपराध की दुनिया में चला गया। इसके बाद तो उन्होंने हाईकोर्ट में आवेदन देकर उससे नाता तोड़ते हुए अपनी संपत्ति से बेदखल भी कर दिया। जेल जाने के कारण नहीं हो पाई शादी :

वर्ष 2010 में ही राजकुमार उर्फ राजू बसौदी की शादी कुरुक्षेत्र के लाडवा में तय हो गई थी। पिता जिले सिंह ने बताया कि सब लोग खुश थे और जल्द से जल्द उसकी शादी कराना चाहते थे। राजू को भी यह लड़की पसंद थी। एक माह बाद शादी होनी थी, लेकिन इसी बीच जमीन विवाद में हुई हत्या के आरोप में वह जेल चला गया, जिसके कारण शादी नहीं हो पाई। केस के चक्कर में बिक गई जमीन :

जिले सिंह ने बताया कि राजू के जेल जाने के बाद उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वे केस लड़े। इसके लिए उन्हें अपनी जमीन बेचनी पड़ी थी, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। यह जरूर हुआ कि इसी जमीन के बचे हुए कुछ पैसे से उन्होंने अपना घर बना लिया, जिसमें आज वह रह रहे हैं। जेल में रहते हुए लोग बनाना चाहते थे सरपंच :

पिता जिले सिंह ने बताया कि जेल जाने के बाद भी किसी को यकीन नहीं था कि राजू ने हत्या की होगी। उसकी नीयत ठीक थी और किसी का बुरा नहीं चाहता था, इसलिए लोग उसे सरपंच बनाना चाहते थे। उसके पास प्रस्ताव लेकर भी आए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

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