पाकिस्तान को धूल चटाने में अहम भूमिका निभाने वाले अभिषेक के संघर्ष की कहानी, एशियन गेम्स में छाया सोनीपत का लाल
Asian Games 2026: सोनीपत के अभिषेक के निर्णायक गोल की बदौलत भारतीय हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल ...और पढ़ें
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अभिषेक नैन का फाइल फोटो। जागरण
HighLights
अभिषेक के निर्णायक गोल से भारत ने पाकिस्तान को सेमीफाइनल में हराया।
एशिया कप टूर्नामेंट में अभिषेक को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' से नवाजा गया।
गंभीर चोट से उबरकर अभिषेक भारतीय हॉकी टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी बने।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। सोनीपत के अभिषेक के गोल की बदौलत भारतीय टीम ने आज गुरुवार को एशियन गेम्स 2026 के सांस थाम देने वाले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया है। अभिषेक को आक्रामक खेल के लिए जाना जाता है।
शुरुआत में भारत के तीन गोल की बढ़त के जवाब में पाकिस्तान ने तीनों गोल कर बढ़त को बराबर कर दिया। इसके बाद अभिषेक के एक और गोल से भारत ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हरा दिया।
2 अक्टूबर को महिला हॉकी और 3 अक्टूबर को पुरुष टीम फाइनल मुकाबला खेलेंगी। महिला टीम में भी सोनीपत की चार खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
ओलिंपिक के बाद अब एशिया हॉकी कप में जलवा बिखरने वाले स्टार खिलाड़ी अभिषेक नैन को प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट से नवाजा गया है।
गंभीर रूप से हुए थे जख्मी
अभिषेक की जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब जामुन तोड़ते समय वह पेड़ से गिरक चोटिल हो गए थे। उनकी कलाई टूट गई थी और दीवार पर लगे शीशे के टुकड़ों से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। अधिक खून बह जाने से उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।
परिवार ने उन्हें भविष्य में हॉकी खेलने देने से रोक दिया था और उन्होंने भी हॉकी छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन उसके शिक्षक व कोच शमशेर दहिया ने उन्हें हॉकी नहीं छोड़ने के लिए प्रेरित किया।

एक दिन वह था और आज के अभिषेक इंडिया टीम का भरोसेमंद गोल स्कोरर खिलाड़ी है। उन्हें विरोधी टीम की डी में जाकर आक्रामक हमलों के लिए जाना जाता है। एशिया कप टूर्नामेंट में छह गोल करने पर उन्हें खिताब से नवाजा गया है।
परिवार में खुशी का माहौल
मूलरूप से गांव भादी के रहने वाले अभिषेक नैन अपने पिता, मां व भाई-भाभी के साथ गोहाना रोड की कॉलोनी मयूर विहार गली नंबर-25 में रहते हैं। खिताब मिलने पर उनके घर में खुशी का माहौल है। अभिषेक विकट परिस्थितियों में टीम के लिए संकटमोचक साबित हो रहे हैं।
पिछले कई अंतरराष्ट्रीय मैचों में अभिषेक ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। अभिषेक को विरोधी टीम की डी में जाकर आक्रामक हमलों के लिए जाना जाता है। टीम के कप्तान का अभिषेक पर भरोसा बढ़ता ही जा रहा है, क्योंकि कई पेनल्टी शूटआउट में अभिषेक चुनौतियों पर खरे उतरे हैं। वह टीम में बतौर मिडफील्डर खेलते हैं।
अटैकिंग हॉकी के लिए जाने जाते हैं अभिषेक
अभिषेक अपनी अटैकिंग हॉकी के लिए जाने जाते हैं। दो साल पहले ही अभिषेक ने फ्रांस के खिलाफ मैच से अंतरराष्ट्रीय हॉकी में डेब्यू किया था। इसके बाद अभिषेक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
ये हैं उपलब्धियां
- 2022 में फ्रांस के खिलाफ मैच से अंतरराष्ट्रीय हाकी में किया था पर्दापण
- 02 साल से बेस्ट फारवर्ड के खिताब पर किया हुआ कब्जा
- 2022 के कामनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल
- 2024 के एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल
- पेरिस ओलिंपिक में ब्रांज मेडल
- एशिया कप में गोल्ड मेडल
- 72 लाख रुपये बोली लगी थी लीग मैचों के लिए अभिषेक की, कप्तान के बाद यह बोली किसी खिलाड़ी की सर्वाधिक थी
