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अभिषेक सरोहा ने HPSC परीक्षा में किया टॉप, अब भारतीय विदेश सेवा में जाने का है लक्ष्य

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:21 PM (IST)

गोहाना के अभिषेक सरोहा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) परीक्षा में प्रदेश में टॉप कर अपने दादा का सपना ...और पढ़ें

अभिषेक सरोहा ने HPSC परीक्षा में किया टॉप  ( एआई जेनरेटेड इमेज )

अभिषेक सरोहा ने HPSC परीक्षा में किया टॉप ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. अभिषेक सरोहा ने HPSC परीक्षा में प्रदेश में टॉप किया।

  2. 40 लाख का पैकेज ठुकराकर सिविल सेवा की तैयारी की।

  3. अब भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जाने का लक्ष्य है।

जागरण संवाददाता, गोहाना। शहर में सेक्टर सात में रहने वाले अभिषेक सरोहा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षा में प्रदेश में टाप करके परिवार का सपना साकार कर दिया।

दादा स्व. रामकिशन सरोहा अपने तीन पोतों में से किसी एक को बड़ा अफसर बनते देखना चाहते थे। अभिषेक ने तीसरे अवसर में एचपीएससी परीक्षा में टाप कर उनका सपना पूरा किया। उनकी मंजिल अभी बाकी है। अब उनका लक्ष्य भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस) में जाना है।

इसके लिए वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा का छठा और अंतिम अवसर भी देना चाहते हैं। शुक्रवार शाम को दिल्ली से घर लौटने पर क्षेत्र के प्रमुख लोगों और स्वजन ने उनको सम्मानित किया। अभिषेक रोजाना 10 घंटे पढ़ते थे और इंटरनेट मीडिया से हमेशा दूरी बनाकर रखी।

40 लाख का पैकेज ठुकरा चुनी सिविल सेवा की राह

अभिषेक को कम्प्यूटर विज्ञान में स्नातक करने के बाद कैंपस प्लेसमेंट में 40 लाख रुपये सालाना पैकेज का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। दिल्ली में एक साल प्रशिक्षण लेने के बाद घर से ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। यूपीएससी के पांच अवसरों में वह दो बार मुख्य परीक्षा पास कर चुके हैं लेकिन साक्षात्कार में चयन नहीं हो पाया। वह पहले एचपीएससी की परीक्षा भी दे चुके हैं।

पिता की सलाह से बदला लक्ष्य 

अभिषेक का जन्म 29 जून 1999 को हुआ। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई गोहाना में हुई। इसके बाद बुआ निर्मला और फूफा चतर सिंह उन्हें पानीपत ले गए, जहां उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की। फिर वाइएमसीए फरीदाबाद से कम्प्यूटर विज्ञान में स्नातक किया। हरियाणा सिविल सेवा के पहले अवसर पर उनका अनुक्रमांक आया था, लेकिन वह परीक्षा नहीं दे पाए। वर्ष 2024 में दूसरे अवसर पर परीक्षा दी।

यूपीएससी की पांच बार परीक्षा दी। पिता जगबीर सरोहा ने उन्हें समझाया कि हरियाणा सिविल सेवा में चयन होने पर प्रदेश में रहकर काम करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद अभिषेक ने इसी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया और प्रदेश में टाप किया। अभिषेक का परिवार शहर में महमूदपुर रोड स्थित आरके हिंदू स्कूल का संचालन करता है। उनके दादा रामकिशन सरोहा ने स्कूल की स्थापना की थी। पिता जगबीर सरोहा स्कूल के प्रबंध निदेशक हैं, जबकि चाचा तेजेंद्र सरोहा प्रधानाचार्य हैं। मां अमिता अध्यापिका हैं। बड़े भाई विनय सरोहा सीमा सड़क संगठन में इंजीनियर हैं और भाभी रिया भौतिकी में शोध कर रही हैं।

गन्नौर के गांव बलि कुतुबपुर से गोहाना आया परिवार

अभिषेक का परिवार मूल रूप से गन्नौर के बलि कुतुबपुर गांव का रहने वाला है। वर्ष 1998 में परिवार गोहाना आकर बस गया था। इसके बाद महमूदपुर रोड पर आरके हिंदू स्कूल की स्थापना की गई। स्कूल का नाम परिवार के मुखिया रामकिशन सरोहा के नाम पर रखा गया। वर्ष 2010 में निधन होने तक रामकिशन स्कूल का मार्गदर्शन करते रहे।

मां बनीं मार्गदर्शक और सबसे अच्छी मित्र 

अभिषेक की तैयारी के लंबे दौर में मां अमिता ने उनका पूरा साथ दिया। वह मां के साथ अपनी पढ़ाई और तैयारी से जुड़ी बातों पर चर्चा करते थे। मां ने उनकी दिनचर्या और खानपान का भी ध्यान रखा। पढ़ाई के दौरान उन्हें जरूरत के अनुसार तरल पदार्थ देती थीं। अभिषेक के लिए मां केवल मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि सबसे अच्छी मित्र भी रहीं।