सिरसा (विज्ञप्ति) : हरियाणा के विशेष शिक्षा में प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार विशेष शिक्षकों की वर्चुअल बैठक हुई। वर्चुअल बैठक में सभी जिलों से बेरोजगार विशेष शिक्षकों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा देने व इस क्षेत्र में प्रशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त हो सके। शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए विशेष शिक्षकों की राजकीय विद्यालयों में नियुक्ति बारे विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा में आ रही परेशानियों से अवगत करवाने के लिए ज्ञापन देने का निर्णय भी लिया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि अपने-अपने क्षेत्र के सभी विधायकों से आग्रह करेंगे तथा मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। विशेष प्रशिक्षित विशेष अध्यापक उन बच्चों की आवश्यकता के अनुसार शिक्षण करवाकर उन बच्चों को सामान्य बच्चों के समान समाज में पूर्ण सहभागिता के लिए तैयार कर सकेंगे। विशेष शिक्षा में प्रशिक्षण प्राप्त राजबीर परलीका ने बताया कि निशक्त जन अधिकार अधिनियम व शिक्षा का अधिकार अधिनियम तथा भारतीय पुनर्वास परिषद भी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षक का होना जरूरी दर्शाता है। उच्चतम न्यायालय भी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के अध्ययन व अध्यापन को लेकर देश के सभी राज्य व केंद्र सरकारों को निशक्तजन आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिससे बच्चा अपनी सुविधा अनुसार अध्ययन कर सके तथा अपने जीवन का स्तर सुधार सकें। उन्होंने बताया कि हरियाणा में राजकीय विद्यालयों में विभिन्न प्रकार के विशेष आवश्यकता वाले बालक-बालिका पूर्व प्राथमिक से उच्चतर स्तर पर अध्ययनरत हैं, लेकिन आज तक उन बच्चों के लिए हरियाणा सरकार ने एक भी विशेष शिक्षक नियमित तौर पर नियुक्त नहीं किया। वर्चुअल बैठक में सिरसा से ममता, परलीका से राजबीर, हिसार से राजपाल, रिशु बाला, गुडग़ांव से शक्ति सिंह और करनाल से संदीप कुमार ने भाग लिया।

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