जागरण संवाददाता, सिरसा : खेल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी खेल प्रमाण पत्र बनाकर बेचने के मामले में नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस ने सोनू नामक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। नाथूसरी कलां निवासी वेद प्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ अज्ञात लोग सिरसा व फतेहाबाद जिला में खेलों के पोजिशन व भाग लेने के सर्टिफिकेट रुपये लेकर लोगों को बेच रहे हैं। गिरोह का भंड़ाफोड़ करने के लिए उसने अपने दोस्तों के माध्यम से इस गिरोह से संपर्क किया। उसने पार्टिसिपेट सर्टिफिकेट की मांग की, जिस पर सात हजार रुपये में डील तय हुई।

इसके बाद उसने गांव रूपावास निवासी सौ प्रतिशत दिव्यांग लड़की का आधार कार्ड, जन्मप्रमाणपत्र व दो फोटो दी। जिसके बाद गूगल पे से पेमेंट की। बाद में आरोपितों से उसे उस दिव्यांग लड़की का 40वीं सीनियर स्टेट वालीबाल चैंपियनशिप में पार्टिसिपेट का सर्टिफिकेट दे दिया। इस मामले में जांच करते हुए सीएम फ्लाइंग की टीम के सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने फतेहाबाद जिले के गांव किरढ़ाण निवासी सोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जांच में सामने आया है कि फतेहाबाद व सिरसा जिले के कुछ लोग खेलों में पोजिशन व भाग लेने के लिए सर्टिफिकेट रुपये लेकर बेच रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि सौ प्रतिशत दिव्यांग लड़की का पार्टिसिपेशन मैरिट का द्वितीय श्रेणी के प्रमाणपत्र पर प्रधान पूर्ण सिंह नारंग, आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी संदीप जानी, सेक्रेटरी अनूप सिंह के हस्ताक्षर है।

इसके पश्चात हरियाणा स्टेट वालीबाल  एसोसिएशन द्वारा सिरसा में आयोजित 40वें सीनियर स्टेट वालीबाल  चैंपियनशिप में भागीदारी का प्रमाणपत्र दिया, जिस पर आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी मंगत कड़वासरा, जनरल सेक्रेटरी हरियाणा स्टेट वालीबाल  एसोसिएशन सूबे सिंह के हस्ताक्षर है। जबकि उक्त लड़की ने सिरसा में किसी भी खेल में भाग नहीं लिया। इस मामले में नाथूसरी चौपटा थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर रामकुमार ने बताया कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। प्रमाणपत्र पर जो मुहर लगाई गई है उस पर जिन लोगों के हस्ताक्षर है, उसने पूछताछ की जाएगी।

Edited By: Manoj Kumar

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