सिरसा/डबवाली, जेएनएन। सर! मैं दूल्हा बोल रहा हूं। मैं सिरसा के गांव से हूं और मुझे हिसार में शादी करने जाना है। डीएसपी साहब गाड़ी को जाने के लिए परमिट दे दो या गाड़ी को पुलिस रोकेगी तो नहीं। यह कॉल दूल्हे ने सिरसा के डीएसपी राजेश चेची को की। डीएसपी ने भी तपाक से कहा, शादी मुबारक। अब यूं कहूं कि शादी न हो तो भी ठीक नहीं पर आदमी चार ही जाए।

डीएसपी बोले - शादी मुबारक लेकिन आदमी चार ही जाए, बिना मास्‍क के नहीं जाने देंगे

इसके बाद दूल्हे ने कहा कि वह तो नियमों का पालन कर रहे हैं। इसके बाद डीएसपी ने पूछा कि क्या मास्क हैं आपके पास। बगैर मास्क तो पुलिस नहीं जाने देगी। उधर से दूल्‍हे ने बताया कि मास्क तो उनके पास हैं। तब डीएसपी ने कहा कि दुल्हन के लिए भी मास्‍क साथ लेते जाना, वापसी में मास्क बगैर इंट्री नहीं होगी।

दरअसल, हरियाणा में कोराेना वायरस के खिलाफ जंग के कारण Lock down है। इस कारण लोगों की आवाजाही पर रोक है और समाराेहों के आयोजन पर भी रोक है। इसका असर शादियों पर भी पड़ रहा है। लोग भी इसे सहज रूप में ले रहे हैं और काेराेना से जंग में अपना योगदान दे रहे हैं।

शादी के बाद दुल्हन को मायके छोड़कर बारात लौट गई

उधर जिले के डबवाली में शादी के बाद दूल्‍हा और बराती दुल्‍हन को मायके में ही छोड़कर चले गए। दरअसल Lock down  के दौरान होने वाले शादी समारोहों में सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखा जा रहा है। अधिक भीड़ नहीं जुटने दी जा रही। दूल्हा-दुल्हन के दो-चार लोग ही शादी में शरीक होते हैं।

डबवाली में शादी की रस्‍में निभाते दूल्‍हा-दुल्‍हन।

बृहस्पतिवार को डबवाली में राजस्थान की तहसील अनूपगढ़ के गांव चक 117एसजेएम से चार लोगों की बरात आई थी बारात को जिला श्री गंगानगर के अनूपगढ़ उपखंड के मजिस्ट्रेट कार्यालय से परिगमन प्रमाण पत्र मिला था। बारात में दूल्हे इंद्राज के साथ उसके पिता सुलतान सिंह, दादा मूला राम थे। एक गाड़ी चालक था। हालांकि प्रशासन की ओर से पांच लोगों को जाने की अनुमति थी।

हालातों को समझते हुए वे चार लोग ही आए। तो इधर लड़की वालों ने किसी को न्यौता नहीं दिया। शादी समारोह में दुल्हन पूजा के अलावा उसकी मां कलावती देवी, दादा किशना राम, मामा मक्खन लाल मौजूद थे। घर में फेरों की रस्म हुई। गांव अहमदपुर दारेवाला के पं. रमेश कुमार ने शादी संपन्न करवाई। फोटोग्राफी तथा वीडियो के लिए मोबाइल कैमरे का प्रयोग हुआ।

बारातियों को खाना खिलाने के बाद रवानगी दी गई। हालांकि दुल्हन को मायके में ही रोक लिया गया। मौका पर मौजूद प्रवीण कुमार शर्मा, राजू प्रधान ने बताया कि लॉकडाऊन के कारण ऐसा हुआ। लड़की को इसलिए साथ नहीं भेजा गया कि उसका ससुराल में मन लगे या न। क्योंकि शादी के बाद किसी ने मायके से ससुराल आने की अनुमति नहीं देनी। दोनों पक्षों में फैसला हुआ कि स्थिति सामान्य होने के बाद ही लड़की अपने ससुराल जाएगी।

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सिरसा में फंसी हिसार की महिला को भिजवाया था पुलिस ने

सिरसा पुलिस ने दो दिन पहले ट्रेन के सिरसा में रोक देने के कारण बठिंडा जाने से रह गई महिला को हिसार जा रहे किसी वाहन में सिपाही साथ भेजकर हिसार भिजवाया था। यह महिला सिरसा के सांगवान चौक पर एक दिन और रात दो छोटे बच्चों के साथ रही। यहां उसे खाने-पीने का सामान तो मिल गया लेकिन बिहार निवासी महिला हिसार के ईंट भट्ठे पर वापस जाना चाहती थी लेकिन लौटने के लिए वाहन नहीं मिला। इसके बाद शहर में खाना बांट रहे वालंटियर ने इसकी सूचना डीएसपी राजेश चेची को दी और इसके बाद हिसार जाने वाले एक वाहन में पुलिस जवान के साथ महिला व बच्चों को भेजा गया।

लोग ताश खेल रहे हैं या गली में बच्चे क्रिकेट खेलने से नहीं आ रहे बाज, जैसी सूचनाएं आई कंट्रोल रूम पर

पुलिस कंट्रोल रूम पर दो दिनों के दौरान 47 लोगों की कॉल आई है जिनमें से कुछ कॉल दूसरे राज्यों से आए लोगों के हेल्थ चैकअप की आई है तो ज्यादातर सूचनाएं गली-मोहल्लों में लोगों के बाहर निकलने की है। सिरसा की मोचीवाली गली में बच्चों के क्रिकेट खेलने की तो तख्तमल सहित तीन गांवों में ग्रामीणों के ताश खेलने की शिकायतें आईं। इसके अलावा नेजाडेला में भी लोगों द्वारा नियम तोड़ने की शिकायत की गई है। इसके अलावा इस नंबर पर कुछ शिकायतें पुलिस द्वारा नाके पर रोकने की भी दर्ज हुई है। सब्जी विक्रेताओं को भी रोकने की शिकायत दर्ज हुई है।

एफसीआइ के स्पेशल रैक को मिली छूटी

दूसरे प्रदेशों से वाहनों की आवाजाही पर रोक है और परमिट धारक ही जिले में प्रवेश कर सकते हैं। एफसीआइ को सरदूलगढ़ से गेहूं का स्पेशल रैक रवाना करना था। इस मामले में एफसीआइ के मैनेजर ने सिरसा के पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया जिसके बाद स्पेशल रैक के लिए गेहूं से भरे ट्रकों को सिरसा में प्रवेश की अनुमति मिली। डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि 250 से अधिक ट्रकों से गेहूं सिरसा रेलवे स्टेशन पहुंचना था और पुलिस नहीं चाहती थी कि इस मामले में देरी हो इसीलिए उन्हें तत्काल अनुमति दी गई।

साहब नहीं मिल रही एंबुलेंस, गर्भवती को अस्पताल ले जाना था

जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में एक कॉल सिरसा के नजदीकी बाजेकां गांव से आई जहां से बताया गया कि गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना है और इसके लिए एंबुलेंस नहीं मिल रही है। यह भी बताया गया कि इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के नंबर पर भी संपर्क किया जा चुका है। एंबुलेंस के लिए मदद मांगी गई जिसके बाद इसकी सूचना एसडीएम को दे दी गई। बताया जा रहा है कि इसके बाद एंबुलेंस गांव पहुंच गई और गर्भवती को नागरिक अस्पताल लाया गया।

दंपति नोएडा में, पांच साल का बच्चा गांव में दादा-दादी के पास, पुलिस ने रूट परमिट पर लगाई मोहर

सिरसा पुलिस के सामने एक और ई-मेल से प्रार्थनापत्र नोएडा से आया जिसमें कहा गया कि वह नोएडा में कार्यरत है। पत्‍नी के साथ नोएडा में है लेकिन कुछ दिन पहले बच्चे को पंजाब के नवांशहर गांव में दादा-दादी के पास भेज दिया जहां बच्चा नहीं रह पा रहा। रो-रोकर बुरा हाल है। नोएडा और दिल्ली पुलिस के साथ हरियाणा के कई जिलों के एसपी को भी रूट परमिट देने की गुहार लगाई गई ताकि वह बिना किसी रूकावट के अपने घर पहुंच सके। इस मामले में सिरसा पुलिस ने दरियादिली दिखाते हुए प्रार्थनापत्र को स्वीकृत कर जारी कर दिया गया।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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