जागरण संवाददाता, सिरसा : नार्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन का जोनल अध्यक्ष अनिल व्यास ने कहा कि रेल को बचाना सब की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए, क्योंकि पुरानी पेंशन की लड़ाई और यूनियन की मान्यता का चुनाव तभी कामयाब होगा जब रेल बची रहेगी। अनिल व्यास जोनल अध्यक्ष बनने के बाद सिरसा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव जीत जाएं, पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई भले जीत लें, लेकिन रेल को बचाने की लड़ाई हार गए तो दोनों जीत बेमानी साबित होगी। इसके लिए सबसे पहले संगठित होकर रेल को बचाने की लड़ाई लड़ी जाए, इसमें युवाओं और महिलाओं को अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। महामंत्री ने आगाह किया कि निजीकरण और निगमीकरण हुआ तो सबसे पहले महिलाएं ही सरकार के निशाने पर होंगी, जबकि युवाओं को अभी काफी साल नौकरी करनी है। लिहाजा सबसे अधिक नुकसान उनका ही होने वाला है, इसलिए हमें संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार रहने की जरूरत है। इसी के साथ उन्होंने रेलवे के लिए युवाओं और महिलाओं को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये सरकार न सिर्फ किसान विरोधी है बल्कि मजदूर विरोधी भी है।

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सरकार ने कानून किसानों के लिए बनाए और बात पूंजीपतियों से

उन्होंने कहा कि आज सरकार की हालत ये है कि वो जिसके हित के लिए कानून बनाने का दावा करती है, उससे बात तक नहीं करती, सरकार कानून किसानों के लिए बनाती है, लेकिन बात पूंजीपतियों से करती है। किसानों के लिए कानून बनाया गया, किसानों से कोई राय तक नहीं ली गई, यही वजह है कि किसान आज दिल्ली की सड़कों पर हैं। इसी तरह दावा किया जा रहा है कि श्रम कानूनों में संशोधन मजदूर हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, लेकिन मजदूर संगठनों से बात तक नहीं की गई। इस अवसर पर शाखा सचिव नरेंद्र भारद्वाज, शशि प्रकाश, सलीम कुरेशी, होशियार सिंह, हुकुम मीणा, पुष्कर चहल, दीपचंद, नवीन कुमार, विपिन यादव व पवन यादव मौजूद रहे।

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