डबवाली [डीडी गोयल]। देवीलाल के साथी रहे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चौटाला परिवार को छोटी-छोटी बातें छोड़कर एक हो जाने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि यही स्नेहलता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वे चौटाला गांव के चौ. साहब राम खेल स्टेडियम में रखी गई पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला की पत्नी की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। भावुक होते हुए कहा कि चौटाला परिवार में फूट होने से उनका दिल रोता है, दुखता है। मेरे मन, मस्तिष्क पर असर पड़ता है।

बादल ने चौटाला परिवार को अच्छे तथा बुरे वक्त की पहचान करवाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि दु:ख की घड़ी में मेरा दिल नहीं करता कि मैं कुछ बोलूं लेकिन चौटाला परिवार के हुक्म को टाल नहीं सकता। बादल-देवीलाल परिवार में स्नेह का रिश्ता है। हम दोनों की जोड़ी राम-लक्ष्मण की जोड़ी थी। हम दोनों पंजाब-हरियाणा में सरकार चलाया करते थे। देवीलाल एक संस्थान थे। देश की आजादी तथा इमरजेंसी के समय लड़ाई कोई भूल नहीं सकता।

बादल ने कहा कि देवीलाल के दिल में हमेशा किसान, कमेरे के लिए प्यार था। उन्होंने प्रधानमंत्री पद त्याग दिया था। यहीं से बात चौटाला परिवार की ओर मोड़ते हुए कहा कि जिंदगी में उतार चढ़ाव होते रहते हैं। मन पर असर नहीं डालना चाहिए। समय बदलता है, प्रयास जारी रखो। परिवार की इज्जत के लिए कुर्बानी देनी पड़ती है। बादल ने बार-बार देवीलाल का वास्ता देते हुए परिवार को एकजुट होने के लिए कहा।

...पर चौटाला नहीं बोले

कार्यकर्ताओं ने दो बार तालियां बजाकर बादल की बात का समर्थन किया। अहसास करवाया कि सभी चाहते हैं कि अजय-अभय एक हों। बादल ने बात खत्म करके माइक ओपी चौटाला को पकड़ाया। उम्मीद थी कि वे कुछ कहेंगे पर, चौटाला इस मसले पर नहीं बोले। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि स्नेहलता के हाथों से पिसे आटे, घी से भोजन तैयार हुआ है। अगर उसका उपयोग नहीं किया तो उनकी आत्मा को तकलीफ पहुंचेगी।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

 

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस