जागरण संवाददाता, सिरसा : इस वर्ष किन्नू की बंपर पैदावार नहीं है। पिछले वर्ष की अपेक्षा पैदावार में 40 प्रतिशत की गिरावट है पर इसके बावजूद किसान मुनाफे में हैं। वजह कम पैदावार के बावजूद रेट अधिक होना है। किन्नू उत्पादक जिलों में सिरसा अग्रणी है और यहां के बागवानी से जुड़े किसानों की आमदनी का जरिया बड़े स्तर पर किन्नू है। जिले में करीब 13 हजार हेक्टेयर में किन्नू के बाग लगे हुए हैं। गत वर्ष बंपर थी पैदावार किन्नू की 150 क्विटल प्रति एकड़ औसत पैदावार मिलती है। हालांकि जिले में कुछ स्थानों पर पैदावार 200 क्विटल भी रही है। इस बार किसानों को बंपर पैदावार की उम्मीद थी लेकिन फल तैयार होने के दौरान मौसम अनुकूल नहीं रहा और इसी वजह से पैदावार घट गई। औसत से 40 प्रतिशत कम पैदावार का अनुमान किन्नू की बागवानी कर रहे किसान मान रहे हैं। उनका कहना है कि कई वर्षों बाद गत वर्ष बहुत अधिक फल लगा था लेकिन इस बार उससे करीबन आधा फल ही आया है।

मांग बढ़ने के कारण दोगुने से ज्यादा हुए रेट गांव गिगोरानी में 25 एकड़ में बागवानी कर रहे किसान वीरेंद्र सहू ने बताया कि गत वर्ष किसानों को आठ से दस रुपये प्रति किलो के हिसाब से किन्नू बेचना पड़ा था। बहुत अच्छी क्वालिटी का किन्नू भी दस रुपये किलो बिका था क्योंकि पैदावार बहुत अधिक थी। इस बार शुरू से ही किन्नू को अच्छा दाम मिल रहा है। ए ग्रेड किन्नू 27 से 28 व बी ग्रेड किन्नू 20 रुपये किलो बिक रहा है। कम पैदावार के बावजूद किसान को इस बार मुनाफा है। उन्होंने बताया कि किन्नू की मंडी की डिमांड पूरी नहीं हो रही है इसलिए शुरू से ही रेट बढ़े हुए हैं।

भाव बढ़ता देख देरी से तोड़ रहे किन्नू

अच्छे भाव मिलने के कारण किन्नू को तोड़ने के लिए किसान जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं। कई किसान तुड़ाई में देरी कर रहे हैं ताकि कुछ भाव और बढ़ जाए। कुछ किसान स्टाक भी कर रहे हैं। बागवानी से जुड़े रमेश ने बताया कि किन्नू को मार्च तक चलाया जा सकता है इसलिए तुड़ाई करने में देरी की जा रही है। अच्छे भाव से किसान को लाभ

आसाखेड़ा के किसान विनोद कुमार ने बताया कि इस बार भाव बहुत अच्छा है। किसान को इसका सीधा लाभ है। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद इतना अच्छा भाव मिला है वरना गत वर्ष तो किन्नू पिटने जैसी स्थिति आ गई थी। आठ से दस रुपये किलो भाव रह गया था। इस बार आरंभ में ही अच्छा भाव मिला है। इस बार किन्नू की पैदावार कम है लेकिन भाव बहुत अच्छा है। पिछले बार से दोगुने से अधिक भाव पर किन्नू बिक रहा है। कम पैदावार के बावजूद किसानों को लाभ है।

डा. रघुवीर सिंह झोरड़, जिला बागवानी अधिकारी

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