जेएनएन, डबवाली (सिरसा)। पंजाब से सटे शहरी की दीवारों पर बृहस्पतिवार सुबह खालिस्तान समर्थित पोस्टर चस्पा मिले। पोस्टर में जरनैल सिंह भिंडरावाला की फोटो भी थी। दुकानों के आगे लगे पोस्टरों को दुकानदारों ने फाड़ डाला तो सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भी सार्वजनिक जगहों पर लगे पोस्टरों को हटाया। गौरतलब है कि करीब पंद्रह दिन पहले पंजाब के अमृतसर तथा गुरदासपुर में खालिस्तान समर्थित पंजाब रेफरेंडम 2020 के पोस्टर चस्पा किए गए थे, जिसके बाद वहां हाई अलर्ट किया गया था। वहीं अब डबवाली में पोस्टर लगने के बाद पंजाब की गुप्तचर एजेंसियां भी चौकस हो गई हैं।

वीरवार कुछ सफाई कर्मचारी वाल्मीकि चौक पर सफाई करने पहुंचे तो वहां खालिस्तान जिंदाबाद के पोस्टर लगे मिले। रेलवे स्टेशन को जाते मार्ग पर दीवार के साथ भी पोस्टर चस्पा मिला। लोगों ने चौक पर लगे पोस्टर फाड़ डाले। इसके अलावा नया बस स्टैंड रोड स्थित दुकानों के बाहर भी खालिस्तान समर्थित पोस्टर चस्पा मिले। दुकानदारों ने पोस्टर फाड़ डाले।

इसी दौरान किसी दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस टीम ने पूरे शहर का निरीक्षण किया। अकेले नए बस स्टैंड रोड पर करीब 10 दुकानों के आगे पोस्टर लगे मिले। जीटी रोड रेलवे फाटक के नजदीक मलोट रोड, सिरसा रोड पर आरओबी के पिलरों पर और डिलाइट सिनेमा मार्केट के साथ-साथ पोस्ट ऑफिस के नजदीक भी ऐसे ही पोस्टर मिले। सबको पुलिस ने हटा दिया।

थाना के बाहर लगे थे भिंडरावाले के पोस्टर

पोस्टर लगाने वाले शरारती तत्वों ने पुलिस थाना को भी नहीं छोड़ा। पब्लिक क्लब के नजदीक शहर थाना के बाहर लगे साइड बोर्ड पर भी भिंडरावाला की तस्वीर वाले खालिस्तान समर्थित दो पोस्टर चस्पा थे। पूरे शहर से पोस्टर हटाने के बाद पुलिस आराम से बैठ गई। देर शाम को एक व्यक्ति ने थाना के साइन बोर्ड पर पोस्टर लगे होने की सूचना दी, जिसके बाद आनन-फानन में पोस्टर हटाए।

ये लिखा है पोस्टर में

पोस्टर पर पंजाबी और अंग्रेजी भाषा में खालिस्तान ङ्क्षजदाबाद लिखा हुआ है। पोस्टर में जरनैल ङ्क्षसह भिंडरावाला की फोटो के साथ ही मिशन 2020 लिखा हुआ है। सबसे नीचे सन्नी विर्क का नाम लिखा हुआ है। संदेह जताया जा रहा है कि सोशल मीडिया के जरिए उपरोक्त पोस्टर को मंगवाकर शहर में उसके प्रिंट निकाले गए और उसके बाद दीवारों पर चस्पा किए गए।

पहले हो चुकी है नारेबाजी

बता दें कि डबवाली में कुछ कट्टरपंथी खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी कर चुके हैं। वर्ष 2008 में डेरा-सिख विवाद में मारे गए गांव डबवाली निवासी हरमंदर सिंह की बरसी 23 जुलाई को गांव डबवाली के गुरुद्वारा साहिब में मनाई गई थी। संदेह जताया जा रहा है कि कट्टरपंथी उसी दिन से शरारत करने की फिराक में थे और तीन दिन बाद बुधवार रात को डबवाली में पोस्टर लगा दिए।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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