संवाद सहयोगी, डबवाली : महाग्राम गंगा में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए गलियां उखाड़ी गई। यह कार्य कर रही श्री बाला जी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने साथ की साथ गलियां बनानी शुरु कर दी। यह जवाब जनस्वास्थ्य विभाग ने आइटीआइ के जवाब में दिया है। हकीकत यह है कि गलियों का निर्माण एजेंसी ने शुरु तक नहीं किया है। ऐसे में गलियों में कीचड़ है। वाहन लेकर जाना तो दूर की बात पैदल चलना तक दूभर है।

एसडीएम बोले-मैं खुद गया था, वहां तो कोई गली पक्की नहीं

एसडीएम राजेश पूनिया खुद हैरान है। उनका कहना है कि टीकाकरण अभियान के दौरान गंगा पीएचसी में जाने का मौका मिला था, वहां तो चारों ओर कीचड़ ही कीचड़ है। पक्की गली तो कोई नजर नहीं आई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग ने किस आधार पर रिपोर्ट दी है? वे संबंधित मामले जांच करवाएंगे। निवर्तमान सरपंच पवन शर्मा बताया कि वर्ष 2016 में सरपंच बने थे। वर्ष 2020 तक गांव में 25 गलियों का निर्माण इंटर लाक टाइल से करवाया था। जबकि दो गलियां सीसी (सीमेंट कंक्रीट) बनी थी। 2020 में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य शुरु हुआ तो एजेंसी ने गलियां उखाड़ दी। आज तक गलियों को ठीक नहीं किया गया है।

टेंडर के दौरान यह रखी गई थी शर्त

महाग्राम योजना के तहत गंगा में सीवरेज का कार्य हो रहा है। जलघर विस्तारीकरण का कार्य भी हुआ है। करीब 14 करोड़ रुपये खर्च हुए है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मई 2022 तक डेडलाइन है। कार्य सिरसा की फर्म श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन के पास है। जनस्वास्थ्य विभाग ने टेंडर अलाट करते समय शर्त तय की थी कि गांव में स्थित इंटर लाक टाइल से निर्मित जिन गलियों को एजेंसी उखाड़ेगी, उन सभी का पुन: निर्माण एजेंसी को करना होगा।

एसडीओ बोले-गलियों का पुन: निर्माण करेगी एजेंसी

गलियों का पुन: निर्माण श्री बालाजी कंसट्रक्शन को करना है। अब तक एजेंसी पेच वर्क लगाकर कार्य की इतिश्री कर रही थी। एजेंसी को साफ हिदायत दी गई है कि जिन गलियों में सीवरेज बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है, वहां इंटर लाक टाइल से गली बनाई जाए। दो गलियां बीएंडआर तथा एक मार्केटिग बोर्ड के पास है। बीएंडआर को एक गली खोदने के बदले 48 लाख तो मार्केटिग बोर्ड को 12 लाख रुपये जमा करवाए जा चुके है। सिरसा-संगरिया वाया आसाखेड़ा रोड तोड़ने के बदले बीएंडआर ने 50 लाख रुपये मांगे है। डिमांड हेड आफिस भेज रखी है। जल्द पैसा जमा करवाया जाएगा।

-सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, डबवाली।

Edited By: Jagran