जागरण संवाददाता, सिरसा :

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लेबोरेटरी में एमबीबीएस चिकित्सक न रखने वालों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई हुई है। मुहिम के तहत जिलेभर की लेबोरेटरी में जांच अभियान चलया गया। स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेशानुसार डिप्टी सिविल सर्जन डा. प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में जिले में अलग-अलग टीमों ने लैबों का निरीक्षण किया। जिले में कुल 220 लेबोरेटरी है, इनमें से 31 लैब बंद हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों ने जांच के दौरान 97 लेबोरेटरी को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के माध्यम से लैब संचालकों को कहा गया है कि वे अपनी लैब में एमबीबीएस चिकित्सक रखना सुनिश्चित करें। लैब द्वारा जारी रिपोर्ट पर एमबीबीएस चिकित्सक के हस्ताक्षर होने चाहिए। इसके साथ ही लैब में टेक्निशयन के बारे में पूरा ब्योरा, विभिन्न टेस्टों की रेट लिस्ट इत्यादि के बारे में भी जानकारी डिस्पले बोर्ड पर लगी होनी चाहिए। विभागीय आदेशों के अनुसार जिलेभर में टीमें गठित कर लैबों की जांच की गई है। जिले की 220 लैबों में से 97 लैब संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जो आदेशों की उल्लंघना करेगा, उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।

- डा. प्रमोद शर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन एमबीबीएस का फील्ड नहीं है। सरकार खुद डिप्लोमा करवा रही है। नए गजट के मुताबिक लैब टेक्निशियन बेसिक टेस्ट कर सकते हैं। सरकार के इन आदेशों से लोग परेशान होंगे। अगर सरकार ने आदेश वापस नहीं लिए तो लैब संचालक व उनके परिवार चुनाव में सरकार का विरोध करेंगे।

- देवेंद्र गौड़, प्रधान लैब टेक्निशियन एसोसिएशन लैब टेक्निशयन टेस्ट तो कर सकते हैं रिपोर्ट नहीं लिख सकते

सरकार द्वारा लेबोरेटरी में सुविधाओं व अन्य दिशा-निर्देशों की पालना के लिए लैबों की जांच की जा रही है। तीन तरह की लैब मानी गई है। बेसिक लैब, मिड लैब व एडवांस लैब। बेसिक लैब में लैब टेक्निशियन टेस्ट तो कर सकते हैं परंतु उन टेस्ट के आधार पर कोई रिपोर्ट नहीं लिख सकते। किसी भी तरह की रिपोर्ट लिखने के लिए उन्हें एमबीबीएस चिकित्सक की सेवाएं लेनी होगी। बेसिक लैब में निम्न सुविधाएं अवश्य होनी चाहिए

1. लैब के बाहर सभी तरह के टेस्टों की रेट लिस्ट लगी हो।

2. लैब टेक्निशियन का नाम, उसकी शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा लिखा हो।

3. लैब में जो चिकित्सक पैनल में हो, उसका नाम, शैक्षणिक योग्यता लिखी हो।

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