जागरण संवाददाता, सिरसा : पहाड़ी क्षेत्र में बरसात होने के बाद घग्घर में देर रात्रि को खतरे के निशान को सिरसा में छू लेने की संभावनाओं के बीच प्रशासन अलर्ट हो गया है। सरदूलगढ़ में शाम चार बजे घग्घर का जलस्तर 23800 क्यूसेक पानी पर पहुंच गया। हालांकि चार बजे सिरसा में घग्घर नदी 18 फीट के निशान पर पहुंची और यहां पानी का बहाव 20 हजार क्यूसेक के करीब है। घग्घर में अभी और जलस्तर बढ़ेगा इसी को लेकर रात को अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई हैं। गांवों में ठीकरी पहरे को लेकर मुनियादी शुरू कर दी गई है। वहीं दो लाख बैग मिट्टी से भरकर घग्घर में अलग-अलग जगहों पर रखे जा रहे हैं ताकि कहीं भी दरार आने पर तत्काल उसे पाटने का काम शुरू किया जा सके।

गुहला चीका में शाम को 28160 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है। खनौरी पर 13700 क्यूसेक पानी है। सरदूलगढ़ में घग्घर उफान पर है और यहां 23800 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है जो कुछ घंटे में ही सिरसा पहुंचता है। यह पानी रात को सिरसा पहुंच जाएगा। जिसके बाद घग्घर खतरे के निशान पर पहुंचेगी। अभी घग्घर खतरे के निशान से दो फीट दूर है। फतेहाबाद की बरसात का पानी ने बढ़ाई और अधिक परेशानी घग्घर में गुहला चीका खनौरी व चांदपुर से होते हुए पानी आ रहा है वहीं वीरवार व शुक्रवार को फतेहाबाद में हुई बारिश का पानी भी घग्घर नदी में आ गया है। रतिया के समीपवर्ती क्षेत्र के अलावा करनौली व कई अन्य गांवों से पानी रंगोई नाले में पहुंचा और यही पानी घग्घर नदी में मिल रहा है जिससे घग्घर का जलस्तर बढ़ गया। हालांकि गुहला चीका के के हिसाब से जलस्तर से खतरा नहीं हो सकता लेकिन फतेहाबाद व पंजाब के कुछ क्षेत्र में हुई बरसात के बाद सरदूलगढ़ में अचानक बढ़ा जलस्तर परेशानी दे सकता है। जलखुंभी की रुकावट भी परेशानी अधिकारियों के अनुसार पंजाब क्षेत्र से पानी के बहाव के साथ जलखुंभी आ रही है जोकि पानी में कहीं भी रुकावट बन सकती है। जलखुंभी दीवार के रूप में काम करती है और इससे पानी में रुकावट पैदा होती है और पानी फिर बढ़ना शुरू हो जाता है। जलखुंभी को निकालने के लिए प्रशासन ने कई जेसीबी व ट्रैक्टर ट्रालियां लगाई हैं। जलखुंभी को मुख्य नदी से साथ लगते क्षेत्र में शिफ्ट कर उसे बाहर निकाला जा रहा है। पंजाब व फतेहाबाद क्षेत्र में हुई बरसात के बाद घग्घर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सरदूलगढ़ में पानी की मात्रा अधिक होने के बाद यहां भी अलर्ट किया गया है। घग्घर के साथ लगते गांवों में मुनियादी करवा दी गई है। दो लाख मिट्टी के बैग भरकर रखवाए गए हैं। राजस्थान की ओर जाने वाले पानी के फाटक खोल दिए गए हैं लेकिन पानी की मात्रा अभी अधिक है।

एआर भांभू, अधीक्षण अभियंता

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