जागरण संवाददाता, सिरसा : फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठे किसानों ने बुधवार को बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह के आवास का घेराव किया। किसानों ने अपनी मांगों संबंधित ज्ञापन बिजली मंत्री के प्रतिनिधि को सौंपा। बिजली मंत्री ने फोन पर किसानों को मांगें पूरी किए जाने का आश्वासन दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर 29 सितंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो सिरसा जिले के प्रत्येक गांव में किसान जलघर की टंकी पर चढ़कर आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों के धरने पर युवा समाजसेवी हर्ष छिक्कारा व बबलू मिर्चपुर ने भी शिरकत की।

किसानों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि सरकार जब तक मुआवजा राशि हीं देगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले 2018 में 18 सितंबर को पांच किसानों ने गांव रूपावास में पानी की टंकी पर पांच दिन आंदोलन कर 370 करोड़ रुपये का मुआवजा लिया था अब अगर सरकार ने सुनवाई नहीं जिले के गांवों में 145 पानी की टंकियां हैं जिन पर चढ़कर किसान प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि चौ. रणजीत सिंह के आवास पर सौंपे ज्ञापन में खरीफ की फसल की स्पेशल गिरदावरी कर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने, 12 हजार ट्यूबवेल के लंबित कनेक्शन जारी किए जाने तथा तीनों कृषि अध्यादेशों के तब तक लागू न किया जाए जब तक सरकार एमएसपी का कानून नहीं बनाती। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में 21 सितंबर को किसान सांसद सुनीता दुग्गल के आवास का घेराव करेंगे। किसानों को संबोधित करते हुए हर्ष छिक्कारा व बबलू मिर्चपुर ने कहा सरकार द्वारा लाए गए तीनों अध्यादेश पूरी तरह से किसान विरोधी है। अगर ये कानून बन गए तो किसान पूरी तरह से कारपोरेट घरानों के गुलाम बन जाएंगे। इस मौके पर सतपाल सहारण, रामदत पूनिया, नरेंद्र कासनिया, मदन सांगवान, हरी सिंह खारिया, भूप सिंह, सुनील जैन, जगतपाल बैनीवाल उपस्थित रहे।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस