जागरण संवाददाता, सिरसा:

अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय में चल रहा किसानों का धरना 36वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को किसानों ने सरकार की वादाखिलाफी व बीमा कंपनियों की दादागिरी के चलते राष्ट्रपति के नाम इच्छामृत्यु का मांगपत्र तहसीलदार संजय चौधरी को सौंपा।

प्रदेश के मुखिया के आदेश भी नहीं मान रही कंपनियां

प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि आज बड़े दुख की बात है कि प्रदेश का मुखिया किसानों के बीच आकर

आश्वस्त करता है कि वह किसानों की पैरवी वकील बनकर करेगा व दस दिन में सिरसा व भिवानी के किसानों को बीमा क्लेम दिलवाने का काम करेगा और किसानों के साथ नाइंसाफी नहीं होने देगा। लेकिन आज 15 दिन बीत गए हैं, इसका मतलब कि इन बड़े घरानों के आगे सरकार के आदेश कोई मायने नहीं है। इनके अपने खुद के फरमान चलते हैं और इन कंपनियों को मनमर्जी करने की खुली छूट मिली हुई है।

फसल बीमा योजना पूरी तरह फ्लॉप

किसान नेता प्रकाश ममेरा ने कहा कि ये बीमा कंपनियां सरकार के साथ मिलकर किसानों को लूटने के लिए बनाई गई है। फसल बीमा योजना पूरी तरह फ्लॉप हो गई है। उन्होंने कहा कि आज किसानों की हालात ऐसे हो गई है कि वो अपने बच्चों को पेट भर खाना खिलाने में भी असमर्थ है। नहरों में पानी नहीं है, बिजली नहीं है। दूध के कोई रेट नहीं है। झूठ और चोरों का, लुटेरों का बोलबाला है। इसलिए इन परिस्थितियों में किसान कैसे जी सकते हैं। इसलिए किसान आज देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। कम से कम मरने की इजाजत तो दे दो, ताकि किसान मरे तो उसके बच्चों को तो तंग न करें। इस अवसर पर आसी गेदर, इंद्रसैन, दारा ¨सह, जयप्रकाश, जीतराम सहारण, विनोद, खुशीराम, राममूर्ति ढिल्लो, रामजीलाल, रामकुमार दहिया, सुभाष पचार, रामदत, सीताराम, माइधन, भीम सैन, जयनारायण, दलबीर, राम¨सह, हनुमान, राजेश कस्वां, ओम प्रकाश, जेसराज, हरी ¨सह, सोहन लाल आदि उपस्थित थे।

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