जागरण संवाददाता, सिरसा :

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में बीपीएड की एनसीटीइ से मान्यता दिलाने की मांग को लेकर छात्रों को पुलिस व सुरक्षा कर्मचारियों ने धरना नहीं देने दिया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के साथ छात्रों की आधा घंटे तक बातचीत हुई। रजिस्ट्रार द्वारा मान्यता के लिए दिए गये आश्वासन को छात्रों ने नहीं माना। छात्र संगठनों ने बुधवार से आंदोलन करने का फैसला लिया।

आइकार्ड देखकर दी गई इंट्री

विश्वविद्यालय में सुबह 9 बजे से ही छात्र पहुंचने लगे। विश्वविद्यालय में सुबह से ही पुलिस कर्मचारी व दुर्गा शक्ति की टीम ने एडम ब्लॉक के सामने डेरा डाल दिया। विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारियों ने सुबह से ही परिसर के अंदर चे¨कग अभियान चलना शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय में प्रवेश करने वाले छात्रों की आई कार्ड देखकर ही इंट्री दी गई। विश्वविद्यालय में बीपीएड की मान्यता की मांग को लेकर छात्र एकत्रित हुए। इसी दौरान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. राजकुमार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को कार्यालय में बैठकर समाधान करने का आश्वासन दिया।

आधा घंटे तक चली बातचीत

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में बीपीएड की एनसीटीइ से मान्यता को लेकर छात्र पहुंचे। रजिस्ट्रार प्रो. राजकुमार सिवाच ने प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने का प्रयास किया। रजिस्ट्रार ने छात्रों की एनसीटीइ कार्यालय में बातचीत भी करवाई। बीपीएड करने वाले छात्रों ने कहा कि राजस्थान में नौकरी निकली हुई है। जिस में साफ तौर पर मान्यता के लिए लिखा हुआ है। जबकि बीपीएड की मान्यता है नहीं। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एनसीटीइ से मान्यता के लिए कोई प्रयास नहीं किया। विश्वविद्यालय में पुलिस को बुलाकर छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के पास बीपीएड की मान्यता के लिए निर्धारित नियम भी पूरे नहीं कर पा रहा है। छात्रों ने कहा कि जब तक मान्यता नहीं मिलेगी। तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बीपीएड की मान्यता के लिए प्रक्रिया चल रही है। पिछले दिनों मैं एनसीटीइ जाकर मान्यता के लिए पता भी किया है। इसके लिए छात्रों को समझाने का प्रयास किया है।

प्रो. राजकुमार सिवाच, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू

Posted By: Jagran