संवाद सहयोगी, कालांवाली :

सरकार द्वारा ग्वार के चारे को ईंट भट्ठों पर प्रयोग करने पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद क्षेत्र के कुछेक भट्ठों पर ग्वार के चारे का प्रयोग किया जा रहा है। जो सरकार के आदेशों की अवहेलना है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्त विषय में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। यह मांग ईंट भट्ठा संचालक सुरेंद्र नेहरू व तरसेम बांसल ने करते हुए कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही व अनदेखी के चलते क्षेत्र के एक दो भट्ठों पर ग्वार के चारे का प्रयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भट्ठों पर ग्वार के चारे का प्रयोग करने से कम खर्च में ईंट तैयार हो जाती है जबकि कोयला व अन्य वस्तु के इस्तेमाल से ईंटें तैयार करने पर ज्यादा खर्च आता है। उन्होंने कहा कि जो भट्ठा संचालक ग्वार के चारे का प्रयोग करते हैं वह ग्राहकों को सस्ते दामों पर ईंटे बेचते हैं ऐसे में दूसरे भट्ठा संचालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त विषय में प्रदूषण विभाग व अन्य संबंधित विभाग को शिकायत कर चुकें है परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उक्त विषय में शीघ्र ही जांच करके कार्रवाई की जाए। इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक सुरेंद्र सैनी ने कहा कि उन्हें उक्त विषय में कोई शिकायत नहीं मिली। इसके अलावा यह मामला प्रदूषण विभाग से संबंधित है, फिर भी वे मामले की जांच करके कार्रवाई करेंगे।

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