सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा के डबवाली थाना क्षेत्र के गांव शेरगढ़ के समीप स्टोर की गई पराली की गांठों को आग लगने से करीब 14 हजार क्विंटल पराली जल गई। इस मामले में पराली मालिकों ने गांव सकताखेड़ा निवासी युवक पर जानबूझ कर पराली की गांठों में आग लगाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि आगजनी की इस घटना के कारण उन्हें करीब 40 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

छह एकड़ में रखी थी पराली

पीड़ित तरसेम सिंह, गुरमेल सिंह तथा गुरमेंद्र सिंह निवासी बडिंगखेड़ा जिला श्री मुक्तसर साहब ने डबवाली शहर थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया कि वे तीनों पराली की गांठें बनाकर आगे बेचने का काम करते हैं। उन तीनों ने मिलकर लगभग 14 हजार क्विंटल पराली की गांठें जोकि छह सौ एकड़ में से बना कर जस्सा सिंह के खेत में जोकि बालाजी फिलिंग स्टेशन के पीछे गांव शेरगढ़ में दो एकड़ एरिया में रखी हुई थीं। इन पराली की गांठों के  पास लगभग 200 क्विंटल तूड़ी भी रखी हुई थी।

24 नवंबर की रात साढ़े आठ बजे उनकी पराली की गांठों व तूड़ी में किसी ने आग लगा दी। जब आग की लपटें उठी तो हमें पराली की गांठों व तूड़ी में आग लगने का पता चला। जब वे आगे की तरफ गए तो हम में से तरसेम सिंह ने देखा कि बलजिन्द्र सिंह उर्फ गब्बर निवासी गांव सकताखेड़ा उनकी पराली की गांठों को आग लगाकर भाग रहा था। जिसके बाद उन्होंने उसका पीछा भी किया। लेकिन वह हमें चकमा देकर भाग गया। मौके पर पराली की गाठों में आग लगी होने के कारण वे बहुत दूर तक उसका पीछा भी नहीं कर सकते थे क्योंकि उस वक्त हमें पहले आग पर काबू पाना जरूरी था। उक्त आग की वजह से उनका करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हो गया है।

आग बुझाने पहुंची छह गाडिय़ां, कंट्रोल हुआ पर आग नहीं बुझी

गांव शेरगढ़ में जिस जगह आग लगी, वहां से कुछ कदम की दूरी पर पंजाब शुरु हो जाता है। वहां आमने-सामने दो पेट्रोल पंप स्थित हैं। गनीमत रही कि आग पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंची। आग वीरवार रात करीब साढ़े आठ बजे लगी थी। प्रत्यक्षदर्शी बलजीत सिंह निवासी गांव वडिंगखेड़ा निवासी बलजीत सिंह, गांव गंगा निवासी जसपाल सिंह ने बताया कि जिस समय आग लगी, वे गांठों का स्टैग लगा रहे थे। एकाएक आग भड़क गई। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां मौके पर पहुंची। डबवाली के दमकल केंद्र की दो, कालांवाली, रानियां, सिरसा, संगरिया से एक-एक गाड़ी मौके पर पहुंची थी। छह गाडिय़ों ने शुक्रवार सुबह पांच बजे तक आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। लेकिन आग नहीं बुझी।

220-230 रुपये प्रति क्विंटल बिकती है पराली

डबवाली से चौटाला रोड की ओर बढ़ते जाते हैं तो रोड के किनारे पराली की बड़ी-बड़ी गांठे नजर आती है। इतने बड़े स्टैग कि जैसे आसमान छू रहे हो। पराली के व्यापारियों ने बताया कि वे 80-90 रुपये प्रति क्विंटल पराली किसान से खरीदते हैं। राजस्थान की गौशालाओं को 220 से 230 रुपये प्रति क्विंटल बेचते हैं।

Edited By: Naveen Dalal

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