जागरण संवाददाता, सिरसा : शहर में इन दिनों विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते दिवस हिसार रोड निवासी कर्णवीर कपूर ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज करवाई कि विदेश भेजने के नाम पर उससे ओटू निवासी निर्मल सिंह ने ढाई लाख रुपये की ठगी कर ली। लेकिन बाद में एक लाख रुपये लौटा दिए, शेष डेढ़ लाख रुपये देने में आना कानी कर रहा है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में कर्णवीर कपूर ने बताया कि वर्ष 2015 में ओटू निवासी निर्मल सिंह ने उनका मकान किराए पर लेकर इमिग्रेशन का ऑफिस खोला था। कर्णवीर का आरोप है कि निर्मल सिंह ने उसे कनाडा भेजने व वहां काम दिलवाने का झांसा दिया। जब वह एयर पोर्ट पर पहुंचा तो उसे वर्क परमिट की बजाय टूरिस्ट वीजा दिया गया। आरोपित ने उससे कहा कि वह वीजा ई-कंवर्ट हो जाएगा। कर्णवीर ने बताया कि उसे कनाडा की बजाय मलेशिया भेज दिया गया और वहां उसके पास रहने व खाने पीने का भी प्रबंध नही था।

इसके बाद कर्णवीर ने अपने पिता राज कपूर से संपर्क किया तो उन्होंने भारत से रुपये भेज कर उसका टिकट बनाया और वापस बुलाया। भारत आने के बाद उसने रुपये वापस मांगे तो वह बरगलाता रहा। इसके बाद उसने किश्तों में एक लाख रुपये दे दिये तथा शेष रुपये नहीं दिये। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने किया है सचेत रहने का आग्रह

विदेश जाने के इच्छुक व्यक्ति केवल पंजीकृत एजेंटों के माध्यम से ही विदेश जाएं। पंजीकृत एजेंटों की सूची वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट हेल्पडेस्क एट ईमिगरेट डॉट जीओवी डॉट इन पर उपलब्ध है। उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार गृह विभाग के पत्र व पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पारित निर्देशानुसार विदेश जाने वाले लोग केवल पंजीकृत एजेंटों के माध्यम से ही विदेशों में जाए। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत एजेंटों के माध्यम से अगर कोई व्यक्ति विदेश जाने के लिए आवेदन करता है तो उसकी सम्पत्ति/धन /आभूषण का नुकसान भी हो सकता है।

Posted By: Jagran

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