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संवाद सहयोगी, कलानौर : गांव सुंडाना स्थित शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर गांव की महिलाओं ने ठेके पर जमकर हंगामा किया। महिलाओं के हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं। बताया जा रहा है कि महिलाएं इतने गुस्से में थी कि ठेके को आग लगाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से कोई बड़ी घटना नहीं हो सकीं। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस के आश्वासन पर रात करीब 8.15 बजे महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद लोगों ने जिला उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन एसएचओ को सौंपा और ठेके को हटाने की मांग की।

पुलिस को दी शिकायत में अमित पुत्र फूल सिंह ने बताया था कि 27 मई को रात में करीब नौ बजे वह घर पर बैठा हुआ था। इसी दौरान शराब के ठेके पर कुछ लोग गाली गलौंज कर रहे थे। जब इसका विरोध करते हुए गाली गलौंज करने से इनकार किया तो आरोपितों ने एकत्रित होकर चाकू से हमला कर दिया था। जिसके बाद से अमित अभी तक पीजीआइ में भर्ती है। घटना के बाद लोगों ने शराब के ठेके को बंद कराने की मांग उठाई थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। जिसके बाद शुक्रवार की शाम सुंडाना गांव की महिलाओं ने एकत्रित होकर ठेके को हटाने के लिए प्रदर्शन किया। महिलाओं ने ठेके के पास पहुंचकर हंगामा शुरू किया तो पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यदि कुछ समय और पुलिस न पहुंचती तो महिलाएं शराब के ठेके को आग लगा देतीं। चौकी इंचार्ज भूषण कुमार टीम लेकर पहुंचे, जिसके चलते महिलाएं शराब के ठेके को आग नहीं लगा सकीं। महिलाओं में गुस्सा इस कद्र था कि वह ठेका हटाने जाने तक प्रदर्शन की बात कर रहीं थी। घंटों की मशक्कत के बाद रात करीब सवा आठ बजे पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत किया। पुलिस ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही प्रकरण में उचित कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही ठेके को नहीं हटाया गया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों ने एसएचओ को सौंपा ज्ञापन

ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त के नाम एसएचओ को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आए दिन शराब के ठेके पर लोग गालियां देते हुए झगड़ा करते रहते हैं। इससे गांव के युवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही जब इसका विरोध किया जाता है तो आरोपित झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने डीसी के नाम भेजे ज्ञापन में मांग की है कि शराब के ठेके को वहां से हटा दिया जाए। शराब के ठेके पर लिखी हैं भ्रामक लाइनें

बताया जा रहा है कि शराब ठेकेदार ने शराब ठेके के बाहर भ्रामक रूप से प्रचार के लिए लाइनें लिखी हुई हैं। मानव अधिकार मिशन की अध्यक्ष मंजू ढाका का कहना है कि शराब ठेके के बाहर लिखी गई भ्रामक लाइनों से आसपास के युवा भ्रमित हो रहे हैं और नशे के आदी बनते जा रहे हैं। लोगों ने आरोपित ठेकेदार के ठेके को निरस्त करने की मांग करते हुए कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं ने शराब ठेके को हटाने की मांग की है। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को समझाकर शांत कर दिया गया है। अमित पर हमला करने वालों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। लोगों की समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

राजेंद्र कुमार, एसएचओ शराब ठेका पूरी तरह से वैध है। ठेके के बाहर किसी भी प्रकार से भ्रामक प्रचार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में जांच करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

जसवीर सिंह, डीटीसी एक्साइज

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Posted By: Jagran

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