जागरण संवाददाता, रोहतक : पीजीआइएमएस के ट्रामा सेंटर इंचार्ज ने मंगलवार सुबह तकनीकि टीम की सहायता से सीसीटीवी फुटेज निकलवाई। सीसीटीवी फुटेज में सामने आ रहे बच्चे के माता-पिता की एक क्लिप बनवाकर पुलिस को भेजी है। अब इस क्लिप को आधार बनाकर पुलिस की ओर से बच्चे के स्वजन खोजने के लिए नए सिरे से प्रयास किए जाएंगे। अब तक पुलिस के पास ऐसा कोई सुराग नहीं था, जिसके आधार पर बच्चे के स्वजनों की तलाश की जा सके। पांच दिन से पीजीआइएमएस के ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन बच्चा अपने स्वजनों की राह देख रहा है। पीजीआइएमएस स्टाफ की ओर से आशंका जताई जा रही है कि बच्चे के मां-बाप शायद किसी भट्ठे पर मजदूरी करते होंगे और यहां से पलायन न कर गए हों। कहीं ऐसा हुआ तो बच्चे स्वजनों को तलाशना बड़ा मुश्किल हो जाएगा।

-बच्चा बोला: अमन है मेरा नाम

पीजीआइएमएस के ट्रामा सेंटर में स्टाफ सदस्यों के लाड़-प्यार के बाद बच्चा अब थोड़ा घुल-मिल गया है। मंगलवार को स्टाफ का एक सदस्य पीपीई किट की जगह गाउन पहनकर बच्चे के पास गया तो पहली बार बच्चे ने कुछ बातचीत की। बच्चे से उसका नाम पूछा गया तो उसने अमन बताया। हालांकि बच्चा अभी सही से सारी चीजें बता नहीं पा रहा है। स्टाफ को अमन या मन नाम को लेकर भी संशय है। कोविड को हराने के बाद ही बच्चे से पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।

वर्जन

बच्चा धीरे-धीरे अब रिकवर हो रहा है। तकनीकी टीम की मदद से मंगलवार को सुबह ट्रामा सेंटर के रजिस्ट्रेशन काउंटर की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई गई। इसमें बच्चे के साथ आए महिला व पुरुष क चेहरे सामने आए हैं। एक क्लिप पुलिस को भेजी गई है ताकि बच्चे के साथ दोनों लोगों की तलाश की जा सके।

डा. एसके सिघल, ट्रामा सेंटर इंचार्ज, पीजीआइएमएस रोहतक।

Edited By: Jagran