जेएनएन, सांपला (रोहतक)। तीनों अच्छे दोस्त थे। एक साथ छुट्टी आते थे। एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते थे। अब एक साथ ही तीनों दोस्तों की चिताएं जलीं। हर ग्रामीण की आंखें नम थी और वह पीड़ित परिवार के सदस्यों को सांत्वना दे रहा था। तीनों के ही घर में खुशियों ने अभी पहला कदम बढ़ाया ही था कि इस हादसे ने उन खुशियों को मातम में बदल दिया।

तीनों गांव मोरखेड़ी निवासी मंजीत की शादी में शामिल होने के लिए गए थे। बरात गांव बरोदा में आई थी। बरात में मंजीत के परिवार से ही सीआरपीएफ में नियुक्त प्रदीप व नवीन और बीएसएफ में नियुक्त सोमबीर भी आए थे। वापस लौटते वक्त तीनों जवान समचाना निवासी चालक सतीश के साथ कार में सवार होकर मोरखेड़ी लौट रहे थे। रात के करीब साढ़े 11 बजे कार जब गांव सिसाना के टी प्वाइंट पर पहुंची तो रोहतक की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे ट्राले ने कार को टक्कर मार दी।

हादसे में कार सवार चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे आ रहे बरातियों ने उन्हें कार से बाहर निकाला और रोहतक पीजीआइ लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्रदीप, नवीन व सोमबीर को मृत घोषित कर दिया। कार चालक सतीश का इलाज चल रहा है। ट्राला चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

एक युवक की तो अभी दो सप्ताह पहले शादी ही हुई थी तो वहीं दूसरे दोस्त को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। वहीं, कार चला रहे एक और दोस्त को अभी होश नहीं आया है। वह पीजीआइ में भर्ती है। उधर सोमवार को पीजीआइ में तीनों ही जवानों के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद उनके गांव में तीनों का अंतिम संस्कार भी एक साथ किया गया।

दो सप्ताह पहले हुई थी नवीन की शादी

इस हादसे में जान गंवाने वाले नवीन की शादी करीब दो सप्ताह पहले ही हुई थी। करीब एक महीने पहले ही वह शादी के लिए छुट्टी लेकर आया था। 22 नवंबर को ही नवीन की शादी झज्जर जिले के जौनधी गांव निवासी भारती से हुई थी। भारती के हाथों की मेंहदी का रंग भी अभी नहीं उतरा था कि नवीन की मौत की खबर आ गई। नवीन दो भाई हैं लेकिन अब नवीन की मौत के बाद पूरा परिवार बिखर गया है।

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प्रदीप को एक माह पहले ही मिली थी पुत्ररत्न की सौगात

वहीं प्रदीप की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी। अभी एक महीने पहले ही उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। गांव वालों ने बताया कि वह अपने बेटे के लिए ही 16 नवंबर को छुट्टी लेकर आया था। अभी वह अपने बेटे को ठीक से प्यार भी नहीं कर पाया कि भगवान ने बेटे के सिर से पिता का साया छीन लिया। प्रदीप रोहतक में ही ड्यूटी करता था।

हादसे से चंद घंटे पहले ही मनाई थी बेटे की छठी

उधर बीएसएफ में तैनात सोमबीर ने हादसे से चंद घंटे पहले ही अपने बेटे की छठी मनाई थी। सोमबीर की शादी दो वर्ष पहले ही हुई थी। सोमबीर के दो बेटे हैं। इनमें से एक बेटे का जन्म छह दिन पहले ही हुआ था। सोमबीर ने बरात में जाने से पहले अपने बेटे के लिए छठ उत्सव का आयोजन किया था, लेकिन किसी को क्या पता था कि दिन की खुशी रात को मातम में बदल जाएगी।

दोस्ती की मिसाल देता है पूरा गांव

ग्रामीणों ने बताया कि तीनों की दोस्ती की मिसाल पूरा गांव देता है। हर किसी के जुबां पर तीनों की दोस्ती की चर्चा होती है। हादसे का शिकार हुए नवीन, प्रदीप और सोमबीर तीनों ही अच्छे दोस्त थे और एक साथ ही छुट्टी लेकर आते थे और एक साथ ही समय बिताते थे। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों दोस्त नौकरी से पहले भी एक साथ ही रहते थे। एक-दूसरे के सुख-दुख में एक साथ शामिल होते थे। इस हादसे के बाद गांव में मातम छाया रहा और किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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