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जागरण संवाददाता, रोहतक : पीजीआइ में तीन दिन से जिदगी और मौत के बीच जूझ रहे जगदीश कालोनी के रहने वाले डिपी ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। तीन दिन पहले घर में घुसे दो चोरों ने डिपी को जिदा जलाने का प्रयास किया था, तभी से वह पीजीआइ में उपचाराधीन था। डिपी की मौत से लोगों में रोष व्याप्त है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआइ में रखवा दिया है, जिसका शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं तनाव को देखते हुए कालोनी में फोर्स तैनात कर दी गई है। यह था मामला

जगदीश कालोनी निवासी 27 वर्षीय डिपी मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे शौच के लिए उठा था। इसी बीच उसे मकान की छत पर आहट सुनाई दी। शक होने पर युवक अकेला ही छत पर चला गया। इधर-उधर देखने के बाद जैसे ही वह वापस मुड़ने लगा, तभी एक आरोपित ने उसकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी और दूसरे ने बैग से ज्वलनशील पदार्थ निकालकर डिपी के ऊपर डाल दिया। इससे पहले कि डिपी कुछ समझ पाता, आरोपितों ने आग लगा दी। इसके बाद आरोपित वहां से फरार हो गए। आग लगी हालत में युवक वहां से भागकर नीचे आया और तब उसके परिजनों ने आग बुझाई। झुलसे युवक का तभी से पीजीआइ में उपचार चल रहा था। मौत का पता चलते ही कालोनी में बढ़ाई फोर्स

डिपी का उपचार पीजीआइ के ट्रामा सेंटर में चल रहा था। डाक्टरों की अलग टीम उसके उपचार में लगी हुई थी, लेकिन अधिक जला होने के कारण उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उपचार के बाद भी उसकी हालत बिगड़ती गई और शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। जैसे ही कालोनी के लोगों को उसकी मौत का पता चला तो रोष फैल गया। काफी संख्या में कालोनी के लोग पीजीआइ में पहुंच गए। आरोप था कि पुलिस की लापरवाही से यह घटना हुई थी। जिसका खामियाजा डिपी को अपनी जान देकर गंवाना पड़ा। उसकी मौत का पता चलते ही पीजीआइ के अलावा कालोनी में फोर्स को तैनात कर दिया गया था। पुलिस को डर था कि कहीं विरोध न हो जाए। देर शाम उसके शव को पीजीआइ के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया। जिसका शनिवार को पोस्टमार्टम होगा और फिर अंतिम संस्कार किया जाएगा। उधर, उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फुटेज जारी करने के बाद भी नहीं मिल रही सफलता

इस घटनाक्रम के बाद एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने उसी दिन एसआइटी का गठन कर दिया था। साथ ही एक आरोपित की फुटेज भी जारी की गई है। पुलिस ने आरोपितों के बारे में जानकारी देने वाले को 50 हजार के इनाम की घोषणा भी कर रखी है। लेकिन इसके बाद भी आरोपितों का कोई पता नहीं चल रहा है। हालांकि पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। कालोनी में सुरक्षा के बंदोबस्त पूरे नहीं

उधर, इस घटना के बाद से ही कालोनी के लोग सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर तीन स्थानों पर नाकाबंदी कर रखी है और कालोनी में हर समय पीसीआर को तैनात रहने के भी निर्देश दिए गए हैं। फिर भी कालोनी के लोगों का आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। कुछ देर के लिए पीसीआर आती है फिर वहां से चली जाती है। हालात यह है कि कालोनी के लोगों को सुरक्षा के लिए खुद ही पहरा देना पड़ रहा है।

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Posted By: Jagran

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