रोहतक, जेएनएन। जिले के एक गांव की वुशू खिलाड़ी का अपहरण व दुष्कर्म के मामले में अदालत ने तीन दोषियों को सजा सुनाई है। अदालत ने एक दोषी को 10 साल कैद और दो दाेषियों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। खास बात यह है कि पीडि़त वुशू खिलाड़ी, उसकी मां और अन्‍य गवाह बाद में आरोप से मुकर गए थे। इसके बावजूद अदालत ने तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। कोर्ट ने मेडिकल, डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट को आधार मानते हुए दोषियों को सजा सुनाई। 

जिले के एक गांव की खिलाड़ी का अपहरण कर किया गया था दुष्कर्म

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट ने तीनों दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। एक दोषी को दस साल और दो दोषियों को पांच-पांच साल की सजा दी गई है। मामले के अनुसार, जुलाई 2018 में एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत में कहा था कि उसकी भतीजी 11वीं क्लास की छात्रा है और वुशू खिलाड़ी भी है। स्कूल जाते समय गांव के रहने वाले एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया था। उस समय गाड़ी में एक तीसरा युवक भी था।

दो दोषियों को पांच-पांच साल और एक दोषी को दस साल की कैद

आरोप था कि इसके बाद मुख्य आरोपित संजय उसे लेकर हरिद्वार चला गया। वहां पर भी पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित संजय, सुमित और धर्मेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट ने तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया था। उन्हें बृहस्पतिवार को सजा सुनाई गई।

दोषी संदीप और धर्मेंद्र को अलग-अलग धाराओं के तहत पांच-पांच साल की कैद और चार-चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी संजय को छह पॉक्सो एक्ट समेत और अन्य धाराओं में 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। उस पर नौ हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

 कोर्ट न कहा था- भले ही बयान से मुकर जाए पीडि़ता, दोषियों को सजा के लिए वैज्ञानिक तथ्य ही काफी

अदालत ने तीनों आरोपितों को बुधवार को दोषी करार देते हुए कहा थ कि पीडि़ता और गवाह भले ही बयान से मुकर जाएं, लेकिन दोषियों को सजा देने के लिए वैज्ञानिक तथ्य ही काफी है। एक आरोपित को दुष्कर्म और दो आरोपितों को अपहरण व साजिश के तहत दोषी करार दिया गया।

मेडिकल, डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट बनी फैसले का आधार

गवाही के दौरान पीडि़ता और उसकी मां अपने बयान से मुकर गई थी। वहीं 15 से अधिक गवाह थे, जिनमें से अधिकतर मुकर गए थे। इसके बावजूद कोर्ट ने मेडिकल, डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट समेत अन्य तथ्यों के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया है। ऐसे बेहद कम मामले आते हैं जिसमें शिकायतकर्ता से लेकर गवाह भी मुकर जाए, फिर भी कोर्ट तथ्यों को देखते हुए आरोपितों को दोषी करार देती है।

 

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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