राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन (एचएसजीपीसी) की तदर्थ कमेटी गठित कर दी गई है। सरकार ने इस कमेटी में 38 सदस्य बनाए हैं जो अधिकतम 18 महीने या फिर नई समिति के गठन तक गुरुद्वारों की संपत्तियों के प्रबंधन और पर्यवेक्षण सहित अन्य जिम्मेदारी संभालेंगे।

गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने तदर्थ कमेटी के सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले दिनों गुरुद्वारों के रखरखाव के लिए तदर्थ कमेटी बनाने की घोषणा की थी। ऐसा इसलिए किया गया था, क्योंकि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के बीच विवाद चल रहा था।

एचएसजीपीसी की तदर्थ कमेटी में सिरसा का दबदबा है जहां से सर्वाधिक छह सदस्य मनोनीत किए गए हैं। यमुनानगर से पांच और अंबाला, करनाल व कैथल से चार-चार सदस्यों को जगह मिली है। गौरतलब है िक एचएसजीपीसी को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद इसके संचालन को लेकर प्रदेश में झींडा और दादूवाल के बीच गुटबाजी शुरू हो गई थी। मामला मुख्यमंत्री के पास भी पहुंचा था।

किस जिले से किन लोगों को बनाया गया सदस्य

सिरसा : बाबा बलजीत सिंह दादुवाल, बाबा गुरमीत सिंह, जगसीर सिंह मांगेयाणा, मलक सिंह और परमजीत सिंह मखा।

यमुनानगर : बाबा करमजीत सिंह, गुरबक्श सिंह, हरबंस सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह।

अंबाला : भूपेंद्र सिंह बिंद्रा, सुदर्शन सिंह सहगल, तलविंद्रपाल सिंह और विन्नर सिंह।

करनाल : भूपिंद्र सिंह, गुलाब सिंह, गुरविंदर सिंह धमीजा और जगदीश सिंह झींडा।

कैथल : अंग्रेज सिंह, गुरदीप सिंह, गुरमीत सिंह व साहिब सिंह।

कुरुक्षेत्र : दीदार सिंह नलवी, जसवंत सिंह व रविंद्र कौर अजराना।

पानीपत : मलकीत सिंह और मोहनजीत सिंह।

पंचकूला : रमनीक सिंह मान व सुजींदर सिंह।

फतेहाबाद : बलदेव सिंह खालसा।

भिवानी : सुदर्शन सिंह गावरी।

जींद : परमिंदर कौर।

रोहतक : हरभजन सिंह राठौर।

हिसार : सुख सागर सिंह।

फरीदाबाद : सरदारनी राणा भट्टी।

महेंद्रगढ़ : तेजिंदर सिंह।

नूंह : जीएस मलिक।

एचएसजीपीसी की तदर्थ कमेटी को एसजीपीसी ने नकारा

हरियाणा सरकार की ओर से बनाई गई 38 सदस्यीय एडहाक हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सिरे नकार दिया है।

एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिखों के मामलों में सरकारी साजिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने सरकार की निंदा कतरे हुए कहा कि सिखों ने सरकारी सोच को कभी स्वीकार नहीं किया।

Edited By: Versha Singh

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