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जागरण संवाददाता, रोहतक : पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पुराने हाउसिग कालोनी वाले आज भी अपने परिवार की अहम सदस्य मानते हैं। निधन का समाचार मिलने के बाद से ही संबंधित कालोनी वाले दुखी हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि जिन घरों में यह कालोनी वाले रह रहे हैं, उसकी आधारशिला खुद सुषमा स्वराज ने रखी थी। कालोनी के पदाधिकारियों का कहना है कि हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री और हाउसिग बोर्ड की चेयरपर्सन रहते हुए 315 आवासों की सौगात दी थी।

हाउसिग बोर्ड कालोनी के प्रधान मनोहरलाल वधवा का कहना है कि आज सभी कालोनी वाले ऐसे ही दुखी हैं, जैसे कोई परिवार का सदस्य चला गया हो। इनका कहना है कि दो जून 1979 में आधारशिला रखने सुषमा आईं थीं। वह उस समय देवीलाल सरकार में मंत्री थीं। उस दौरान कालोनी वालों को तमाम तरह की आशंकाएं थीं, मगर उन्होंने आधारशिला रखने के दौरान ही कह दिया था कि परेशान न होना। आपको छत दिलाने की मेरी जिम्मेदारी है। वहीं, बुधवार को कालोनी में शोकसभा आयोजित की गई। इसमें मनोहरलाल वधवा के अलावा कृष्णलाल विज, जगदीश खुराना, रोशनलाल जैन, संजीव अग्रवाल एडवोकेट, ईश्वर मित्तल, अनंतराम, वेद बहल, मंगलपुरी, डा. संदीप वासन, रामकरण सिगला, धर्मबीर देशवाल, कैप्टन राजेंद्र अहलावत आदि मौजूद रहे। आधारशिला वाला पत्थर निगम ने हटाया, दोबारा लगवाने की मांग

हाउसिग बोर्ड कालोनी के प्रधान मनोहरलाल वधवा कहते हैं कि कुछ साल पहले तक आधारशिला वाला पत्थर लगा हुआ था। हालांकि कालोनी के निकट ही पार्क का निर्माण कराने के लिए पत्थर हटा दिया गया। प्रधान वधवा ने मांग करते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन आधारशिला से संबंधित पत्थर तत्काल लगवाए। इनका यह भी कहना है कि नगर निगम प्रशासन से कई अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इन्होंने कालोनी का नाम ही सुषमा के नाम से करने की मांग की है।

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Posted By: Jagran

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