जागरण संवाददाता, रोहतक : प्रत्यक्ष तरीके से छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति के नेतृत्व में सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। समिति ने मंगलवार को सभी छात्र संगठनों ने एमडीयू रोहतक के कुलपति प्रो. बीके पूनिया को ज्ञापन सौंपा।

प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि सरकार प्रत्यक्ष चुनाव ना करवा कर छात्र समुदाय से धोखा कर रही है । चुनाव करवाना अपने प्रतिनिधि चुनना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। जिसका इस्तेमाल करने से रोकना सरासर गलत है। सरकार ने जो अप्रत्यक्ष चुनाव की घोषणा कि है, वह छात्र समुदाय की मांगों के अनुरूप नहीं है। छात्र संगठन लंबे समय से प्रत्यक्ष तौर पर अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार चाहता है। सरकार से अपने घोषणा पत्र में सत्ता में आने से पहले छात्रों से उनकी 22 साल पुरानी इस मांग को पूरा करने का वादा किया था, परंतु अब छात्र समुदाय के साथ विश्वासघात किया जा रहा है । सरकार की अप्रत्यक्ष चुनाव के फैसले की पीछे मंशा छात्रों को उनका मंच प्रदान करने की बजाय राजनैतिक व प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर अपने निहित स्वार्थी राजनैतिक एजेंडा को पूरा करने की लगती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, पंजाब व राजस्थान की तर्ज पर सीधा चुनाव करवाने की बजाए कालेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन के हस्तक्षेप के साथ विभाग प्रतिनिधि सीआर व डीआर चुनने और उनके माध्यम से अध्यक्ष बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। ऐसे में न तो कालेज , विश्वविद्यालयों में छात्रों को अपने बात रखने का सही मंच मिल पाएगा और न ही विद्यार्थियों की 22 साल पुरानी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। आज भाजपा सरकार शिक्षा और रोजगार को बर्बाद करने की जिन नीतियों पर चल रही है उसके चलते उन्हें छात्र प्रतिनिधियों से डर है कि कहीं छात्र संघ चुनाव होने उनकी जनविरोधी नीतियों पर लगाम ना लग जाए । इस प्रक्रिया से भाजपा डरी हुई है व इसीलिए भाजपा छात्र राजनीति में न केवल सीधा हस्तक्षेप कर रही है।

इस मौके पर एनएसयूआइ से प्रदीप घनघस, पंकज, सिद्धार्थ इनसो से रवि , दीपक मलिक, प्रदीप शर्मा, एएमवीए से दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार, छात्र एकता मंच से जस¨वदर ,सुमित एसएफआई से सुरेंद्र, प्रवीण, सुमित ¨सह आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran