जागरण संवाददाता, रोहतक : प्राइवेट बसें को रोडवेज के बेड़े में शामिल होने के विरोध में बुधवार को रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का असर रोहतक डिपो में नहीं रहा। हालांकि सुबह चार बजे कर्मचारियों ने जरूर हंगामा किया, लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के सामने उनकी एक न चली। पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए भारी पुलिस बल को लेकर डिपो से बसों का संचालन शुरू कराया।

प्रदेश सरकार ने रोडवेज के बेड़े में 700 निजी बसों को शामिल करने सहित अपनी कई मांगों को लेकर प्रदेश के रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल का ऐलान किया था। हड़ताल की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पहले से ही अलर्ट रहा। रोहतक डिपो पर सुबह चार बजे जैसे ही बसों का संचालन शुरू हुआ कुछ कर्मचारी बस के आगे लेट गए, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद हट गए और कुछ बसों का संचालन शुरू हो गया। उसके बाद सुबह सात बजे से दोबारा से कर्मचारियों ने बसों के संचालन को बंद कराने के लिए हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद रोहतक एसडीएम राकेश कुमार, तहसीलदार गुलाब ¨सह और रोडवेज के जीएम राहुल जैन ने हंगामा कर रहे कर्मचारियों की एक भी नहीं सुनी और पुलिस के साथ मिलकर फिर से बसों का संचालन शुरू कराया। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे से डिपो से सभी रूट की बसों का संचालन शुरू करा दिया गया था। हंगामे की संभावना को देखते हुए शाम तक बस स्टैंड पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। --बसों का संचालन बाधित करने और हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट तैयारी की जा रही है। उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- राहुल जैन, महाप्रबंधक रोडवेज रोहतक डिपो

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