जागरण संवाददाता, रोहतक : फिटनेस, योग, वर्क आउट का नाम जेहन में आते ही फिट बॉडी और युवा चेहरे सामने आ जाते हैं, वहीं अगर पार्क में आपको 65 से 80 वर्ष की वृद्ध महिलाएं वर्क आउट, योग, र¨नग करती नजर आएं तो हैरानी होगी। कुछ ऐसा ही नजारा सेक्टर दो में स्थित त्रिवेणी पार्क में देखने को मिलता है। जहां घर, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी में डूबी हुई इन महिलाओं के लिए फिट रहने की परिभाषा उम्र नहीं बल्कि उम्र को मात देना है। महिलाओं को फिट रखने के लिए शंकुतला 65 से 80 वर्ष की वृद्ध महिलाओं को मुफ्त में पीटी और योग कराती हैं। शंकुतला पीटीआइ के पद से सेवानिवृत्त टीचर हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद से वह पिछले दस साल से महिलाओं को सुबह दो घंटे रोजाना योग और वर्क आउट कराती हैं। जिससे महिलाओं में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ रही है साथ ही निरोगी काया का सुख प्राप्त कर रही हैं। कहां से मिली प्रेरणा

शंकुतला बताती है कि मुझे बचपन से ही योग और फिट रहने का शौक था। सरकारी स्कूल से पीटीआइ के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद घर में मन नहीं लगता था। एक दिन मैं सोचने लगी कि उन महिलाओं के लिए कार्य किया जाए, जो घर के कामकाज में जुटी रहती हैं और अपने स्वास्थ के लिए समय नहीं निकाल पाती है। इसके साथ ही 50 साल के बाद जोड़ों का दर्द, घुटने के दर्द जैसी समस्या होने लगती है। मुझे उनको फिट रखने के लिए कार्य करना चाहिए। तब से ही मैं पार्क में जाकर महिलाओं का योग सिखाती हूं और इस बहाने सभी मिलना और हंसना बोलना हो जाता है। हर उम्र में रहें एक्टिव

उन्होंने बताया कि 40 से 45 की उम्र में आते-आते महिलाओं की ¨जदगी पति, घर और बच्चों में बंट जाती है। इन सब के बीच में वह अपना ख्याल नहीं रख पाती हैं। महिलाओं को हर उम्र में फिट और एक्टिव रहना चाहिए। वृद्धावस्था में आने के बाद कहीं न कहीं हम अपनी ¨जदगी को जीना भूल जाते है। जोकि गलत है। एक दूसरे से मिलना और अपने आपको हमेशा एक्टिव रखना जरूरी है।

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