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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शाह की विधायकों को दो टूक- गलतफहमी में न रहें, पार्टी के बिना कोई वजूद नहीं

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Thu, 03 Aug 2017 06:45 PM (IST)Updated: Fri, 04 Aug 2017 02:00 AM (IST)

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा सरकार व संगठन को नसीहत दी। कहा कि विधायक गलतफहमी में न रहें कि ...और पढ़ें

शाह की विधायकों को दो टूक- गलतफहमी में न रहें, पार्टी के बिना कोई वजूद नहीं
शाह की विधायकों को दो टूक- गलतफहमी में न रहें, पार्टी के बिना कोई वजूद नहीं

रोहतक [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा के तीन दिवसीय दौरे पर आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पहले दो दिन में सरकार और संगठन को पूरी तरह से मथ डाला। शाह ने सरकार की पीठ पर अपना हाथ रखते हुए संगठन के लोगों को धरातल पर जाकर काम करने के निर्देश दिए। एक के बाद एक बैठकों में शाह ने सरकार और संगठन के कामकाज की बारीकी से पड़ताल करते हुए पूरी टीम को फील्ड में उतरकर जनता के साथ जुडऩे की हिदायतें दी। उन्होंने उछल रहे विधायकों की भी हवा निकाल दी। कहा कि गलतफहमी में न रहें कि खुद के बूते चुनाव जीतकर आए हैैं। पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता।

ठेठ जाटलैंड में शाही अंदाज में एंट्री के बाद शाह ने पहले दो दिनों में सरकार और संगठन की एक दर्जन बैठकें ली। प्रबुद्ध लोगों से भी मिले और उनके साथ भोजन किया। इन बैठकों में मिशन 2019 के एजेंडे को कामयाबी तक पहुंचाने की मंशा के साथ फीडबैक तो लिया ही गया, साथ ही भाजपा के देशहित के एजेंडे से भी वाकिफ कराया गया। शाह पहले दो दिनों में सरकार और संगठन को नसीहत देने से नहीं चूके।

मंत्रियों और विधायकों को अपनी विधानसभा सीटें जीतने के साथ ही पिछले चुनाव में हारी सीटें जिताने की जिम्मेदारी देकर सरकार ने पूरी तरह काम में लगा दिया। इन मंत्रियों और विधायकों को अगले साल 15 जनवरी तक राज्य की हारी हुई 43 सीटों को जीतने का विजन पेश करना होगा।

शाह ने अपनी बैठकों और मुलाकात में लोगों का मन भी टटोला। कांग्रेस और इनेलो पर हमलावर होने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दिया। हुड्डा और चौटाला पर हमलावर शाह कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी को भी लपेटे में लेने से नहीं चूके।

दलितों और पिछड़ों को पार्टी से जोडऩे के एजेंडे पर काम करने की सलाह सरकार तथा पार्टी के लोगों को दी तो साथ ही उदाहरण देकर कहा कि जब कोई आदमी बाजार से मटका खरीदने जाता है तो उसे बजाकर चेक करता है। फिर जब हम देश में सरकार लाने की बात करते हैैं तो यह क्यों चैक नहीं करते कि कौन सी पार्टी का मटका पका हुआ है।

विधायकों को करना होगा हर बूथ पर प्रवास

शाह ने अपनी बैठकों में संगठन के लोगों की भी जवाबदेही तय की। उन्होंने विधायकों को बूथों पर जाकर कम से कम तीन-तीन दिन प्रवास करने के निर्देश दिए तो साथ ही पार्टी नेताओं से कहा कि वे धरातल पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी निभाएं।

कार्यकर्ताओं को भी दी नसीहत

उन्होंने कहा कि मनोहर सरकार बेहतर काम कर रही है, जिन्हें आगे बढ़ाए जाने की जरूरत है। शाह ने अति महत्वाकांक्षी कार्यकर्ताओं की गलतफहमी भी निकाल दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कार्यकर्ताओं की मेहनत से बनी है पर उनके अपने लिए न होकर आम आदमी के लिए है। इसलिए कार्यकर्ता किसी तरह के मानसिक दबाव अथवा गलतफहमी में न रहें।

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