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रोहतक के नौनंद गांव में 3 करोड़ 64 लाख की लागत से बनेगा जलघर, खत्म होगी 20 साल पुरानी पेयजल समस्या

Published: Fri, 23 Oct 2026 03:50 PM (IST)

रोहतक के नौनंद गांव में दशकों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान के लिए सरकार ने 3.64 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

रोहतक के नानौंद गांव में बनेगा जलघर (जागरण फोटो)

रोहतक के नानौंद गांव में बनेगा जलघर (जागरण फोटो)

HighLights

  1. नौनंद गांव में 3.64 करोड़ का नया जलघर बनेगा

  2. दशकों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा

  3. लगभग 4500 ग्रामीणों को स्वच्छ पानी मिलेगा

अजय रोहज, सांपला। गांव नौनंद के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गांव में दशकों से चली आ रही पेयजल की गंभीर समस्या जल्द ही खत्म होने जा रही है। सरकार ने गांव में नए जलघर के निर्माण के लिए तीन करोड़ 64 लाख रुपये की राशि मंजूर की है।

जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग निर्माण कार्य शुरू करवा देगा। खास बात यह है कि इसके लिए ग्राम पंचायत पिछले कई वर्ष से इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी।

पानी की किल्लत से परेशान होकर ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन और धरने भी दिए थे। आखिरकार पंचायत की मेहनत रंग लाई और गांव को ग्रामीण पेयजल योजना के तहत बड़ी सौगात मिली है।

गांव में एक अत्याधुनिक नए जलघर का निर्माण होगा। इसके साथ दो बड़े वाटर स्टोरेज टैंकों का आधुनिक तकनीक से निर्माण होगा। जलघर में पेयजल सप्लाई दुरुस्त करने के लिए अन्य व्यवस्था भी होगी।

खास बात यह है कि गांव की सभी पुरानी, जर्जर और लीकेज पाइपलाइनों को बदलने के लिए पंचायत जल्द सूबे के मुख्यमंत्री से मिलकर अतिरिक्त बजट देने की गुहार लगाएगी। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद हर घर तक स्वच्छ और मीठे पानी की सप्लाई होने की संभावना है।

करीब साढ़े चार हजार लोगों को मिलेगी राहत 

इस योजना के पूरी होने से गांव के करीब साढ़े चार हजार लोगों को सीधा फायदा होगा। अब तक लोगों को पानी के लिए टैंकरों या निजी सप्लायरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब इस समस्या से निजात मिलेगी।

मुख्यमंत्री से मिलेंगे सरपंच

योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए और बची हुई लाइनों की मरम्मत के लिए गांव के सरपंच जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके और लाइनों को दुरुस्त करने के लिए बजट बढ़वाने या अतिरिक्त बजट देने की मांग करेंगे।वहीं गांव में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त होने की सूचना के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

क्या कहते हैं गांव के सरपंच?

इस संबंध में गांव के सरपंच मनीष सिन्धु का कहना है कि गांव में जलघर बदतर हालत में है। ग्रामीणों को पेयजल को लेकर खासी परेशानी हो रही है। पंचायत अपने स्तर पर चार वर्ष से प्रयास कर रही थी।

सरकार ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कदम उठाया है। गांव में करीब तीन करोड़ 64 लाख की लागत से नए जलघर का निर्माण होगा। दो वाटर टैंक सहित अन्य व्यवस्थाओं पर राशि खर्च होगी। जल्द ही टेंडर हो जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।