विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rohtak News: मुलायम सिंह यादव यूपी के साथ हरियाणा में मजबूत करना चाहते थे पार्टी

By Omparkash VashishtEdited By: MOHAMMAD AQIB KHAN
Published: Mon, 10 Oct 2022 05:24 PM (IST)Updated: Mon, 10 Oct 2022 05:29 PM (IST)

Rohtak News उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा में ...और पढ़ें

Rohtak News: मुलायम सिंह यादव यूपी के साथ हरियाणा में मजबूत करना चाहते थे पार्टी : जागरण
Rohtak News: मुलायम सिंह यादव यूपी के साथ हरियाणा में मजबूत करना चाहते थे पार्टी : जागरण

रोहतक, ओपी वशिष्ठ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा में भी समाजवादी पार्टी को मजबूत देखना चाहते थे। उन्होंने जहां संगठनात्मक जिम्मेदारी हरियाणा की नेता का सौंपी, वहीं लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी भी मैदान में उतारे, लेकिन सफलता नहीं मिली। हरियाणा में पार्टी संगठन की गतिविधियों को करीब डेढ दशक तक सक्रिय रखा गया।

लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के समर्थन में हरियाणा में जनसभाएं करने भी पहुंचे थे। सपा की पूर्व हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष कांता आलड़िया ने मुलायम सिंह यादव के हरियाणा से जुड़े संस्करण दैनिक जागरण के साथ सांझा किए। कांता आलड़िया ने बताया कि 1993 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उनको हरियाणा प्रदेश सपा महिला विंग की जिम्मेदारी सौंपी थी। 2002 में उनको प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया।

मुलायम सिंह को नेताजी से संबोधित करते थे। उनके साथ पार्टी संगठन की गतिविधियों में अनेकों बार हिस्सा लिया। सरल, सादगी और कार्यकर्ताओं की इज्जत देने के मामले में उनका कोई सानी नहीं है। कार्यकर्ताओं की उनके दरबार में सीधे एंट्री थी। ऐसे सादगी वाले नेता को उन्होंने अपने जीवन में नहीं देखा। वह सपा से 2007 तक जुड़ी रही। 1999 में मुलायम सिंह यादव ने उनको रोहतक लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया। इतना ही नहीं उनके लिए चुनाव प्रचार भी करने पहुंचे। छोटूराम स्टेडियम में आयोजित चुनावी जनसभा रैली की थी। 2004 लोकसभा चुनाव में करनाल, फरीदाबाद और महेंद्रगढ़ में सपा प्रत्याशी उतारे।

मुलायम सिंह ने एक ही दिन तीन चुनावी रैलियां की और पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में वोट की अपील की। महेंद्रगढ़ से पार्टी प्रत्याशी करीब सवा लाख वोट लेने में कामयाब रहें। पार्टी को परिवार, कार्यकर्ता को सदस्य मानते थे नेताजी कांता आलड़िया ने बताया कि मुलायम सिंह पार्टी को एक परिवार की तरह मानते थे।

परिवार के मुखिया होने के नाते, पार्टी संगठन में किसी का आपस में कोई गिला-शिकवा हो जाता तो उसके खुद ही दूर करवा देते थे। उन्होंने कभी कार्यकर्ता को छोटा-बड़ा नहीं समझा। समझे एक नजर से देखते थे। हरियाणा में अनुसूचित जाति से संबंध रखने के बावजूद उनको मुलायम सिंह ने सपा का हरियाणा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया।

इससे पहले महिला विंग की जिम्मेदारी थी। 2007 से 2009 तक राष्ट्रीय कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य भी उनको बनाया गया था। ऐसे महान नेता का निधन, राजनीति क्षेत्र खासकर सपा के लिए बड़ी क्षति है। ऐसी राजनीति शख्सियत की भरपाई करना संभव नहीं होगा।