जेएनएन, रोहतक । खाप पंचायतों का कहना है कि हिंदू विवाह अधिनियम हमारे सामाजिक ताने-बाने के विरुद्ध है। खाप पंचायतें इस अधिनियम को ही उत्तर भारत में हो रही ऑनर किलिंग की घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराती हैं। उनकी मांग है कि इस अधिनियम में बदलाव किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी खाप एकजुट हैं और 10 नवंबर को चंडीगढ़ में सरकार को ज्ञापन देंगीं।

इस मुद्दे पर तीन जिलों की खाप पंचायतों की बैठक शनिवार को स्थानीय जाट भवन में सर्वखाप पंचायत संयोजक महेंद्र सिंह नांदल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में खाप प्रवक्ता धर्मपाल हुड्डा ने कहा कि हमारी सभ्यता व संस्कृति में अपने गोत्र, गांव तथा सीमा से लगते गांवों में शादी करने की मनाही है, जबकि हिंदू विवाह अधिनियम में समान गोत्र में विवाह का प्रावधान है, जिससे हमारी सभ्यता व संस्कृति को तोडऩे की कोशिश की जा रही है, जिसे हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

बैठक में खाप-84 प्रधान हरदीप अहलावत ने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट बनाने वालों को हमारी उत्तर भारत की संस्कृति का ज्ञान ही नहीं था। उन्होंने कहा कि इस एक्ट में बदलाव के लिए सभी खाप पंचायतें एकजुट हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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