संवाद सहयोगी, सांपला : पीने के पानी की किल्लत के चलते ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के जल घर सूखे पड़े हुए हैं। हालांकि जन स्वास्थ्य विभाग नहरों में पानी नहीं होने के चलते ट्यूबवेल का सहारा ले रहा है। इन ट्यूबलों से मिलने वाले पानी का टीडीएस ज्यादा होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। वहीं नहरी विभाग के एसडीओ सितेंद्र सांगवान का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फ जमी होने के कारण ऊपर से पानी की सप्लाई पर्याप्त मात्र में नहीं मिल रही जिसके चलते यह समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि नहरी विभाग ने 1000 क्यूसिक पानी की डिमांड की थी, लेकिन सुबह केवल 200 क्यूसिक पानी ही नहरों में आ सका। गौरतलब है कि पहले नहर गत तीन जनवरी को आनी थी, बाद में सात को आने की सूचना मिली। लेकिन नहर जब आठ को आई तो पानी की मात्रा ऊंट के मुंह में जीरा के समान रही। एसडीओ नहरी विभाग का कहना है कि एक दो रोज में पर्याप्त पानी नहरों में आ जाएगा।

Posted By: Jagran

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