जागरण संवाददाता, रोहतक

शहरी क्षेत्र में पालतू कुत्ते रखने के लिए पंजीकरण(रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होता है। नगर निगम प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन कराने का जिम्मा है। लेकिन नगर निगम प्रशासन ने फिलहाल रजिस्ट्रेशन कराने से साफ इन्कार कर दिया है। अफसरों ने तर्क दिया है कि अभी स्टाफ का टोटा है। इसलिए रजिस्ट्रेशन कराना बेहद मुश्किल होगा।

नगर निगम के आयुक्त आरएस वर्मा का कहना है कि रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कई वर्षों से लोग इच्छुक नहीं दिखे। जबकि नगर निगम की सफाई शाखा को यह कार्य कराना होता है। निगम आयुक्त ने कर्मचारियों की कमी बताते हुए कहा कि पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत होगी। इसलिए अभी रजिस्ट्रेशन कराने की शुरूआत नहीं की जा सकती है। इनका यह भी कहना है कि यदि पशुपालन विभाग या फिर अन्य कोई विभाग ऐसा करे तो हमें कोई आपत्ति नहीं।

-------------------

नगर निगम की प्रत्येक शाखा में पहले से ही कर्मचारियों का टोटा है। यदि रजिस्ट्रेशन के कार्य में कर्मचारी लगा दिए तो दूसरे कार्य प्रभावित हो जाएंगे।

आरएस वर्मा, आयुक्त, नगर निगम

--

कच्चाबेरी रोड पर दुकानदार के घर में पांच कुत्ते, सहमे पड़ोसी

कच्चाबेरी रोड के कुछ दुकानदारों ने नगर निगम के अधिकारियों को गोपनीय शिकायत दी है। जिसमें दावा किया गया है कि एक दुकानदार के घर में कुछ पालतू कुत्ते हैं। यह कुत्ते पहले लावारिस घूमते थे, लेकिन अब वही कुत्ते दुकानदार ने पाल लिए। एक दुकानदार पर यह कुत्ते हमला बोल चुके हैं। इसके अतिरिक्त भी दूसरे कुछ दुकानदारों का कहना है कि तत्काल ही पुलिस, नगर निगम प्रशासन या फिर पशुपालन विभाग इस प्रकरण में कार्रवाई करे। सफाई ब्रांच में यह शिकायत दी गई है।

लावारिस कुत्तों का भी शहर में आतंक

केस एक : रात को नींद भी टूट रही, डर के कारण लोग नहीं निकल पाते

बेसहारा पशुओं के कारण भारी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। डीएलएफ निवासी ज्योति मलिक कहती हैं कि रात के वक्त बच्चों की नींद टूट जाती है। यही कारण है कि रात के वक्त कॉलोनी की सड़कों पर दो-तीन घंटे डंडे लेकर पहरा देना होता है। इनका दावा है कि कई घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए यहां से लोग नहीं निकल पाते हैं। केस दो : रात को दो बजे लाठी लेकर कुत्तों को भगाते हैं कैलाश

प्रेम नगर निवासी व ¨प्रसिपल कैलाश भारद्वाज का दावा है कि रात के वक्त लावारिस कुत्तों के कारण नींद खुल जाती है। कई दफा तो रात के दो से तीन बजे तक भी जब कुत्ते नहीं सोने देते हैं तो कुत्तों को भगाने के लिए लाठी लेकर दौड़ लगानी पड़ती है। सेक्टरों में भी यही हालत हैं। तत्काल राहत की मांग उठी है।

Posted By: Jagran