जागरण संवाददाता, रोहतक : राजीव गांधी स्टेडियम में लाखों की लागत से बने एथलेटिक मैदान की सुध अधिकारी नहीं ले रहे हैं। इसी मैदान पर पिछले चार महीनों में तीन प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं, लेकिन उसके बावजूद भी अधिकारी इस दिशा में उदासीन बने हुए हैं। आलम यह है कि राजीव गांधी स्टेडियम के इस एथलेटिक मैदान पर पिछले चार महीने से पोल टूटे हैं, जिनकी मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। इसी कारण चक्का फेंक के अभ्यास में यहां जूनियर से लेकर सीनियर खिलाड़ियों तक को दिक्कतें पेश आ रही हैं। खिलाड़ियों की मानें तो जून में आए भयंकर तूफान में यहां पर चार पोल टूट गए थे। जिनको अब तक नहीं लगाया गया है। ये पोल काफी महंगे हैं और इन पर लाखों रुपये की लागत आई थी। स्टेडियम में रोजाना करीब 500 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं। मैदान पर कई साल से अभ्यास करते आते हैं। यहां पर खेल सुविधाओं की दरकार है। यहां चक्का फेंक के पोल भी करीब चार महीने से टूटे हुए हैं, जिनको ठीक नहीं कराया गया है। ऐसे में एथलेटिक्स को अभ्यास में दिक्कतें होती हैं।

- दीपक, खिलाड़ी । एथलेटिक मैदान पर बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए सुबह शाम आते हैं। मैदान खेल संसाधनों को बढ़ाया जाने की जरूरत है। इससे बेहतर रिजल्ट मिल सकेंगे।

- अजय, खिलाड़ी। राजीव गांधी खेल स्टेडियम हुडा के अधीन है और उसमें मरम्मत का काम हुडा विभाग का है। इस मामले में हुडा के अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं।

- सुखबीर ¨सह, जिला खेल अधिकारी, रोहतक । स्टेडियम में एथलेटिक मैदान के पोल टूटने की मुझे जानकारी नहीं है। कल इसका पता कराएंगे। पोल टूटे होने पर उनको ठीक कराया जाएगा। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास रहता है।

- डीके आहुजा, कार्यकारी अभियंता, हुडा, रोहतक ।

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