महंगाई की मार में पंजाब आगे, हरियाणा के शहरों को राहत; चंडीगढ़ के कैसे हैं हालात? चेक करें डाटा
सितंबर में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की खुदरा महंगाई दरें भिन्न रहीं, पंजाब में सर्वाधिक (5.27%) और हरियाणा के शहरों में सबसे कम (3.64%) दर्ज की गई।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
पंजाब में 5.27% खुदरा महंगाई दर, सर्वाधिक दर्ज
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में 3.64% महंगाई, सबसे कम
खाद्य महंगाई में प्याज की कीमतों में 108% उछाल
रत्न पंवार, रोहतक। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में महंगाई की तस्वीर ने आम आदमी की जेब पर पड़ रहे दबाव का अलग-अलग हिसाब सामने रखा है।
सितंबर में पंजाब में खुदरा महंगाई दर 5.27% रही, जबकि हरियाणा में यह 4.37% और चंडीगढ़ में 4.39% दर्ज की गई। सबसे चौंकाने वाला अंतर हरियाणा के शहरों में दिखा, जहां महंगाई दर महज 3.64% रही।
वहीं पंजाब के ग्रामीण इलाकों में यह बढ़कर 5.63% तक पहुंच गई। यानी एक ही क्षेत्र में गांव और शहर के बीच महंगाई कादबाव अलग है तो पड़ोसी राज्यों की तस्वीर भी एक जैसी नहीं है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी के सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, तीनों क्षेत्रों की संयुक्त महंगाई दर राष्ट्रीय औसत 5.54% से नीचे रही। इन आंकड़ों का सबसे अहम संकेत यह है कि तीनों क्षेत्रों में महंगाई का असर एक जैसा नहीं है। पंजाब में संयुक्त दर अधिक है, हरियाणा के शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी की गति कम है और चंडीगढ़ की स्थिति हरियाणा के करीब है।

पंजाब में गांवों पर ज्यादा दबाव
पंजाब में ग्रामीण महंगाई दर 5.63 प्रतिशत रही, जो राज्य की शहरी महंगाई दर 4.84 प्रतिशत से 0.79 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि सितंबर में ग्रामीण क्षेत्रों में कीमतों में सालाना बढ़ोतरी का दबाव शहरों की तुलना में ज्यादा रहा। पंजाब का संयुक्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 110.76 दर्ज किया गया, जो हरियाणा के 109.53 और चंडीगढ़ के 108.98 से अधिक है।
हरियाणा के शहरों में कम महंगाई
हरियाणा की सबसे बड़ी खासियत शहरी महंगाई दर का कम होना है। सितंबर में राज्य के शहरी क्षेत्रों में यह दर महज 3.64 प्रतिशत रही, जो पंजाब और चंडीगढ़ दोनों से कम है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 5.09 प्रतिशत रही। ग्रामीण और शहरी महंगाई के बीच 1.45 प्रतिशत अंक का अंतर बताता है कि राज्य के दोनों क्षेत्रों में कीमतों का दबाव समान नहीं है। संयुक्त महंगाई दर 4.37 प्रतिशत रहने से हरियाणा इन तीनों क्षेत्रों में सबसे नीचे रहा।
चंडीगढ़ की दर हरियाणा के करीब
चंडीगढ़ में सितंबर के दौरान महंगाई दर 4.39 % रही, जो हरियाणा से केवल 0.02 प्रतिशत अंक अधिक है। पंजाब के मुकाबले चंडीगढ़ की दर 0.88 प्रतिशत अंक कम रही।
चंडीगढ़ का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 108.98 दर्ज किया। यहां ग्रामीण बाजार नहीं होने के कारण ग्रामीण और शहरी महंगाई की तुलना संभव नहीं है। इसलिए चंडीगढ़ के आंकड़े को हरियाणा और पंजाब के संयुक्त आंकड़ों के साथ पढ़ते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
प्याज की कीमतों में उछाल ने बढ़ाई खाद्य महंगाई
देश में सितंबर के दौरान खाद्य महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त में यह 5.97 प्रतिशत थी। प्याज की महंगाई दर 108.09 प्रतिशत दर्ज की गई। अदरक में 62.85 प्रतिशत और लहसुन में 54.62 प्रतिशत की सालाना महंगाई रही। इसके उलट आलू की दर शून्य से 11.50 प्रतिशत नीचे और टमाटर की दर शून्य से 8.62 प्रतिशत नीचे दर्ज की गई।
महंगाई का दबाव गांवों में अधिक: प्रो. मलिक
एमडीयू के सांख्यिकी विभाग के सेवानिवृत सीनियर प्रोफेसर ड. एससी मलिक ने बताया कि महंगाई की दर में अंतर का आकलन करते समय ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की खपत, खाद्य वस्तुओं की कीमतों और घरेलू खर्च के स्वरूप को समझना जरूरी है। कृषि प्रधान इन राज्यों में कृषि की तरफ ध्यान कम देना बड़ी वजह है।
