जागरण संवाददाता, रोहतक : सुनो नहरों की पुकार मिशन की टीम ने बुधवार को उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपकर अपील की। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि शहर के साथ लगती नहरों में किसी प्रकार का कुछ भी सामान ना डालने दिया जाए। इसके लिए प्रशासन सख्त कदम उठाकर पेयजल को आस्था के नाम पर प्रदूषित होने से बचाएं।

मिशन के संयोजक डा. जसमेर सिंह ने बताया कि उपायुक्त ने सकारात्मक रूख अपनाते हुए इस कार्य की प्रशंसा की और सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को भी दिशा निर्देश जारी किए कि वे भी इस पर ध्यान केंद्रित करे और समय-समय पर सफाई व्यवस्था कराए। डा. जसमेर सिंह ने बताया कि हर रोज ना जाने कितने लोग इन नहरों में प्लास्टिक की थैलियों से भरे लिफाफे, नारियल, पूजा पाठ का सामान, प्लास्टिक के अलावा कई प्रकार की सामग्री फेंकते हैं। जो नहरों में जीव जंतुओं के लिए तो खतरनाक है। साथ ही प्रदूषण के रूप में पेयजल के माध्यम से आम जनता में बीमारी भी बढ़ रही है। सभी की जिम्मेदारी बनती है कि चलते पानी को साफ सुथरा रखा जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि नहरों के पेयजल को साफ रखकर इस पुण्य कार्य में सहयोग करें। पर्यावरणविद दीपक छारा ने बताया कि आज जो हालात हैं उसे देखें तो आने वाले समय में पेयजल की गम्भीर समस्या का सामना करना पड़ेगा। बढ़ती आबादी और धार्मिक अंधविश्वास के कारण प्रदूषित होती नहरों की सुध नहीं ली गई तो भविष्य में पीने की पानी भी नसीब नहीं होगा। इस मौके पर डा. शमशेर धनखड़, स्वीटी मलिक, डा. प्रदीप बल्हारा, अजय हुड्डा, अरविद भाटिया, नवनीत हुड्डा, हरिचंद, सुखविद्र, सुंदर जेटली, प्रवीन कौशिक, प्रवीन सहगल, शमशेर वत्स, जतिन, करण और प्रदीप आदि मौजूद रहे।

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