जागरण संवाददाता, रोहतक : नियम-134ए के तहत तीन बार दाखिले की तारीख बढ़ाई जा चुकी हैं। तीसरी बार बढ़ाई गई तारीख के मुताबिक शनिवार को दाखिले का अंतित दिन रहा। लेकिन शनिवार को भी बच्चों के दाखिले नियम-134ए के तहत निजी स्कूलों में न होने पर अभिभावकों में रोष बढ़ गया है। अभिभावकों ने शनिवार को सोनीपत रोड स्थित एक निजी स्कूल के सामने न केवल प्रदर्शन किया बल्कि निजी स्कूलों व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इतना ही नहीं दाखिले न होने पर अभिभावकों ने सोमवार को आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। उधर, शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि नियम-134ए के तहत दाखिले न देने वाले निजी स्कूलों को नोटिस दिए गए हैं और तीन दिन में जवाब तलब किया गया है।

शनिवार को अनेक अभिभावक सोनीपत रोड स्थित एक निजी स्कूल में पहुंचे और बच्चों को दाखिला दिए जाने की मांग की। अभिभावकों का आरोप है कि उनके बच्चों को दाखिला दिए जाने का बार बार आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन दाखिला नहीं दिया जा रहा है। शनिवार को जब वे स्कूल पहुंचे तो स्कूल स्टाफ की ओर से अभिभावकों को स्कूल प्रिसिपल से नहीं मिलने दिया गया। उधर, सरकार की ओर से भी नियम-134ए के तहत टेस्ट पास किए बच्चों के दाखिले की तारीख बार-बार बढ़ाई जा रही है। तीसरी बार बढ़ाई की तारीख के मुताबिक शनिवार को दाखिले का अंतिम दिन रहा। हालांकि अनेक स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिया गया है लेकिन रोहतक के नामी स्कूलों में ही गरीब बच्चों को दाखिले नहीं दिए जा रहे हैं। अभिभावकों ने कहा कि वे जब अधिकारियों के पास जाते हैं तो वहां भी केवल आश्वासन ही मिलता है। उनके बच्चे पिछले स्कूलों से स्कूल लिविग सर्टिफिकेट भी ले चुके हैं। लेकिन कुछ निजी स्कूल बच्चों को दाखिले नहीं देर हे हैं। जिसके चलते उनके बच्चे घरों पर बैठने को मजबूर हैं, उनकी पढ़ाई चौपट होने लगी है। दाखिले न होने से उनके बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। हालांकि अनेक बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला भी हो गया है लेकिन कुछ निजी स्कूल हैं जो दाखिले नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि प्रशासन ने भी अभिभावकों को लावारिस की तरह छोड़ रखा है। अभिभावकों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अभिभावकों ने कहा कि जब सरकार ने नियम-134ए के तहत दाखिले का कानून बना रखा है तो निजी स्कूल संचालकों की ओर से इस कानून का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या निजी स्कूल कानून से भी बड़े हो गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार या तो बच्चों का इस कानून के तहत दाखिला कराए या फिर सरकार को ऐसे स्कूलों की मान्यता रद कर देनी चाहिए। नियम-134ए के तहत टेस्ट पास करने के बावजूद भी होनहार बच्चों को कुछ निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे हैं। दाखिले के लिए स्कूलों और अधिकारियों के चक्कर लगाकर अभिभावकों में रोष बढ़ा हुआ है। सोमवार तक पोर्टल पर दाखिला अपडेट नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

- यशवंत सिंह, प्रधान अभिभावक संघ, रोहतक । नियम-13ए के तहत अभी तक भी कुछ निजी स्कूलों में दाखिले नहीं होने की शिकायतें अभिभावकों की ओर से की गई है। जिसके चलते निजी स्कूलों को नोटिस दिए गए हैं। निजी स्कूलों में तीन दिन में जवाब तलब किया गया है।

- आशा दहिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक ।

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