जागरण संवाददाता, रोहतक: शहर में जर्जर सड़कों के कारण विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद अशोक खुराना के आरोपों का बचाव करने में जुटे नगर निगम के अधिकारियों को व्यापारी नेता गुलशन निझावन की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। निझावन ने दावा किया है कि अधिकारी बार-बार गुहार के बावजूद भी गड्ढे नहीं भरवा रहे। आरोप लगाए हैं कि सिर्फ कमीशन वाले ही काम कराने में अधिकारी दिलचस्पी दिखाते हैं। इसलिए अब रविवार को खुद ही गड्ढे भरेंगे। स्थानीय दुकानदारों और रिहायशी कालोनियों के लोगों का भी सहयोग मांगा है।

पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान गुलशन निझावन ने नगर निगम में बड़ी गड़बड़ियों की तरफ इशारा किया। उन्होंने दावा किया है कि पालिका बाजार जाने वाले रास्ते में दो माह से गड्ढे हैं। शिकायत के बाद भी गड्ढे नहीं भरवाए। शहर के सभी 22 वार्डों के हालात बद से बदतर भी बताए। यह भी आरोप लगाए हैं कि अधिकारी जान-बूझकर छोटे काम बड़े होने का इंतजार करते हैं। छोटे काम कराने में कोई कमीशन नहीं होता, बड़े कार्य कराने में कमीशन बन जाता है। दूसरी ओर, शहर के पार्षदों, व्यापारी नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि रविवार को कहीं जर्जर सड़कों को दुरूस्त कराने के लिए काम शुरू नहीं हुए हैं। शहरी जनता और पार्षदों के आरोप हैं कि शहरी क्षेत्र में जर्जर सड़कों से राहत के बजाय अधिकारी गोल-मोल जवाब दे रहे हैं। खुराना के आरोपों से असहज हुए अधिकारी

वार्ड-13 की पार्षद कंचन खुराना के प्रतिनिधि पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता अशोक खुराना ने शुक्रवार को बयान जारी करके नगर निगम के अधिकारियों पर कमीशनखोरी के आरोप जड़ दिए थे। खुराना ने आरोप लगाए हैं कि मेरे वार्ड के कार्यक्षेत्र में एक्सईयन योगराज छिकारा आते हैं। लेकिन कुछ माह पहले दूसरे एक्सईएन सुमित नांदल का फोन आया। उन्होंने फोन से संपर्क करते हुए मुझसे कहा कि कैलाश कालोनी में गली का निर्माण करा दें तो मैंने हां कर दी। आरोप हैं कि कैलाश कालोनी में सही सलामत तीन-चार गलियां तोड़कर निर्मित करा दीं। इस दौरान बार-बार पूछा गया कि बजट कहां से आएगा तो जवाब मिला कि 50 लाख रुपये किसी मद से बचे हुए हैं। इनका कहना है कि मैंने बार-बार अधिकारियों से यही अनुरोध किया था कि झंग कालोनी व दूसरे स्थानों की जर्जर सड़कों को ठीक कराएं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निझावन का दावा, अधिकारी कर रहे लीपा-पोती एजेंसी कर रही मजे

प्रधान गुलशन निझावन का दावा है कि पिछले साल पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इस वजह से जगह-जगह पर सड़क को खोदा गया था। कैमरे लगाने वाली एजेंसी ने शहर के अंदर कहीं पर भी खोदे गड्ढे नहीं भरे। इस कारण से शहर में कई स्थानों पर गड्ढे हैं। आरोप लगाए हैं कि नगर निगम के अधिकारियों ने लीपापोती दिखाकर फुल पेमेंट की। इससे साफ जाहिर होता है कि नगर निगम अधिकारियों और एजेंसी के बीच में मिलीभगत थी जो गड्ढों को ऐसे ही छोड़ा गया। वर्जन

शहर में ऐसा कोई काम नहीं हुआ, जिसका कोई पेमेंट हुआ हो। जो भी आरोप हैं वह गलत और तथ्यहीन हैं।

प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम

--

मेरी अधिकारियों से यही मांग है कि सही सड़कों को तोड़कर निर्मित कराकर जिस तरह से सरकारी धन का दुरूपयोग हुआ है, उसकी अधिकारी जांच कराएं। आखिर जहां सही सड़क थी वहां काम कराने का औचित्य था था और जहां गड्ढे हैं उन्हें भरवाने में अधिकारियों को क्या दिक्कतें हैं।

अशोक खुराना, पूर्व पार्षद ------------

अरुण शर्मा

Edited By: Jagran