जागरण संवाददाता, रोहतक : बारिश के मौसम में सड़कें बेजान हो चली है। अनेक स्थानों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें बारिश के पानी का जमाव अब तक भी बना हुआ है। दिन में यहां वाहन चालक यहां से संभल कर गुजरते हैं लेकिन इन राहों पर रात का सफर आसान नहीं है। रोहतक में दिल्ली रोड पर तिलियार के निकट हादसों का खतरा बन रहा है। रात के समय दुपहिया चालकों के लिए तो यहां से गुजरना जान जोखिम में डालकर चलना है। रिपोर्टर मंगलवार देर रात को आफिस से अपना काम निपटाने के बाद बाइक लेकर दिल्ली रोड पर चल दिया। रात के समय दिल्ली बाइपास पर दो यात्री दिल्ली जाने के लिए वाहन के इंतजार में खड़े थे। वे काफी देर से बस का बाट जोह रहे थे कि इसी दौरान एक कार चालक ने दिल्ली चलने का इशारा किया तो वे दोनों कार में सवार हो गए और कार दिल्ली की ओर चल दी। रिपोर्टर भी उसी तरफ बाइक पर सवार होकर आगे बढ़ चला। जवाहर लाल नेहरू कैनाल पार करने के करीब सौ मीटर की दूरी पर सड़क पर एक ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाए तो आवाज दूर तक आई। ट्रक के अचानक ब्रेक लगने की आवाज सुनकर सभी का ध्यान उस तरफ गया और देखा कि आगे सड़क टूटी हुई है।

इस दौरान वहां बाइक सवार राकेश और संदीप भी कुछ पल के लिए रुके और सड़क को देखकर कहने लगे कि गड्ढों को भरने के लिए महज पत्थर डालकर इतिश्री कर दी गई है। डिवाइडर के एक तरफ का मार्ग विकास कार्य के चलते टूटा पड़ा है जबकि दूसरे पर दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन बढ़ा हुआ है। उस पर रोड भी टूटा हुआ है जो वाहन चालकों के लिए कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। खैर, इसी पर चर्चा करते हुए वे आगे बढ़ गए। तभी रिपोर्टर ने देखा कि एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ बाइक पर रोहतक की तरफ आ रहा है। लेकिन वह विकास कार्य वाले मार्ग से आ रहा था। उसने देखा कि आगे उस सड़क पर भी जलजमाव है तो जिस कारण उन्होंने रास्ता बदलना ही मुनासिब समझा। परिवार साथ था लेकिन बाइक घुमाना आसान नहीं था। जिसके चलते वे डिवाइडर फांदकर दूसरे मार्ग पर आगे बढ़े। इसके कुछ समय बाद बाइक पर दो अन्य युवक भी आए और सड़क पर जलजमाव देकर वापस चले गए। रिपोर्टर ने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि इतने दिन में तो बिल्डिग तैयार हो सकती है लेकिन यहां पर सड़क की हालत भी सही नहीं है। लगता है यहां हादसे में किसी की जान जाने के बाद सड़क बनेगी। अधिकारियों को कोसते हुए वे चले गए। रात के समय यहां की हकीकत जानने के बाद रिपोर्टर भी बाइक लेकर घर की ओर रवाना हो गया। लेकिन रास्ते में अस्थल बोहर मठ के निकट भी सड़क का खस्ता हाल बना है।

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